
दंडकारण्य दर्पण
बस्तर के समग्र विकास के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग उठा सकते हैं मुख्यमंत्री साय
वर्ष 2031 तक बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाने का लक्ष्य, रोजगार और औद्योगिक निवेश पर रहेगा जोर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी 11 जून को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होंगे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ बस्तर क्षेत्र के लिए विशेष विकास पैकेज की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रख सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने वर्ष 2031 तक बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए व्यापक विकास योजना तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय बैठक में बस्तर सहित आदिवासी अंचलों के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता, युवाओं के कौशल विकास, रोजगार के नए अवसरों और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने संबंधी प्रस्ताव भी रख सकते हैं। खनिज संपदा से समृद्ध बस्तर क्षेत्र में खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
राज्य सरकार का फोकस तकनीक आधारित सुशासन पर है। इसी क्रम में टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रांसफॉर्मेशन के 3-टी मॉडल को शासन व्यवस्था में प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
इससे पहले 10 जून को आयोजित होने वाली एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों का प्रस्तुतीकरण करेंगे। इसके बाद 11 जून को नीति आयोग की बैठक में राज्य के विकास एजेंडे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से रखेंगे।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र के सहयोग से बस्तर क्षेत्र में आधारभूत संरचना, रोजगार, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी, जिससे आदिवासी अंचलों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।




