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CG News: खरीफ सीजन की तैयारी तेज, किसानों को समय पर मिल रहा खाद और बीज

रायगढ़ जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से हो रहा वितरण

 

 

खरीफ सीजन की तैयारी तेज, किसानों को समय पर मिल रहा खाद और बीज

 

रायगढ़ जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से हो रहा वितरण

 

रायगढ़। मानसून की आहट के साथ ही रायगढ़ जिले में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। खेतों की जुताई, बुआई और कृषि कार्यों की तैयारियों के बीच किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक और बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

 

कृषि विभाग के अनुसार आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 को ध्यान में रखते हुए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार निगरानी की जा रही है ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 24 हजार 138 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। इनमें 15 हजार 789 टन उर्वरक सहकारी संस्थाओं में तथा 8 हजार 348 टन निजी विक्रेताओं के पास उपलब्ध है। किसानों तक खाद की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सहकारी समितियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

कृषि विभाग ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक लगभग 48 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत अधिक है। वहीं उपलब्ध भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है।

 

जिले में गठित निगरानी दलों और उर्वरक निरीक्षकों द्वारा सहकारी तथा निजी विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे और आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की कालाबाजारी या कृत्रिम कमी की स्थिति उत्पन्न न हो।

 

कृषि विभाग किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी और नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। साथ ही मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, कृषि विस्तार कार्यक्रमों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

 

अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए पर्याप्त भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों का बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करना है।

 

दंडकारण्य दर्पण विशेष

 

खेती-किसानी आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में समय पर खाद और बीज की उपलब्धता किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है। रायगढ़ जिले में प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा की गई अग्रिम तैयारियां यह संकेत देती हैं कि खरीफ सीजन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। यदि इसी प्रकार वितरण व्यवस्था सुचारु बनी रही तो किसानों को लाभ मिलेगा और जिले में कृषि उत्पादन को भी नई गति मिलेगी।

Bindesh Patra

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