
दंडकारण्य दर्पण
भिलाई की दर्दनाक त्रासदी
आग की लपटों में खत्म हो गया गरीब परिवार, मासूम बच्चों की मौत से हर आंख नम
भिलाई।
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में हुई दर्दनाक आगजनी की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक गरीब परिवार कुछ ही पलों में आग की लपटों में समा गया। हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद लोगों का दिल दहल उठा है।
बताया जा रहा है कि पहले बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी उठी और कुछ ही सेकेंड में घर के भीतर रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद परिवार के लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा घर धुएं और आग की भयावह लपटों में घिर गया।
इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। जिन चेहरों पर कभी मुस्कान थी, वे अब सिर्फ यादों में रह गए हैं। सबसे ज्यादा दर्दनाक तस्वीर उन मासूम बच्चों की है, जिनकी जिंदगी अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई थी। परिवार की तस्वीरें देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार बेहद गरीब था और मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन चला रहा था। किसी ने कभी नहीं सोचा था कि यह परिवार इतनी दर्दनाक मौत का शिकार हो जाएगा। हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। हर कोई यही कह रहा है कि अगर बिजली व्यवस्था दुरुस्त होती तो शायद आज यह परिवार जिंदा होता।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग डर गए। लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई अंदर नहीं जा सका। कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार की मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल भी है। आखिर बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट क्यों हुआ? क्या पहले से शिकायतें थीं? क्या समय रहते मरम्मत होती तो चार जिंदगियां बच सकती थीं? इन सवालों के जवाब अब प्रशासन और बिजली विभाग को देने होंगे।
घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने पीड़ित परिवार के परिजनों को उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन को गंभीर कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह उजड़ने से बच सके।
कुम्हारी की यह घटना अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक दर्दनाक चेतावनी बन गई है। आग बुझ गई, लेकिन पीछे छोड़ गई एक ऐसा दर्द, जिसे शायद कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।




