
| दंडकारण्य दर्पण |
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करने संबंधी केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश की सांस्कृतिक चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत और राष्ट्रभक्ति की भावना को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी देना हर भारतीय के लिए गर्व और आत्मसम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और करोड़ों देशवासियों की राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में नई ऊर्जा और आत्मबल का संचार किया था। इस गीत ने स्वतंत्रता सेनानियों को मातृभूमि के लिए संघर्ष और बलिदान की प्रेरणा दी। आज भी यह गीत हर भारतीय के मन में राष्ट्रप्रेम, सेवा और गौरव की भावना जागृत करता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करेगा। यह फैसला देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय अस्मिता को सशक्त करने वाला कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ियों में भी राष्ट्रभावना को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार भारत की सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रीय गौरव और जनभावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ तथा राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा और सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।




