
दंडकारण्य दर्पण
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाली जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क पर 50 प्रतिशत की छूट लागू कर दी है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके तहत अब महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन कराने पर पहले की तुलना में आधा शुल्क देना होगा।
नए नियम के अनुसार महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और आर्थिक रूप से महिलाओं को अधिक अधिकार और सुरक्षा मिलेगी।
सरकार द्वारा जारी प्रावधान के तहत यह छूट केवल महिला के नाम पर संपत्ति पंजीयन कराने की स्थिति में लागू होगी। यदि संपत्ति संयुक्त नाम से खरीदी जाती है, तो महिला की हिस्सेदारी के अनुसार ही छूट का लाभ दिया जाएगा। यह छूट निर्धारित सीमा और शर्तों के अनुसार लागू रहेगी तथा पंजीयन विभाग द्वारा इसकी निगरानी की जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में राज्य में 82 हजार 755 संपत्तियों की रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम पर दर्ज की गई थीं। सरकार को उम्मीद है कि नए नियम लागू होने के बाद यह संख्या और अधिक बढ़ेगी। हालांकि इस फैसले से राज्य सरकार को लगभग 200 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है, लेकिन सरकार इसे महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश मान रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत होगी और परिवारों में महिलाओं की संपत्ति पर हिस्सेदारी बढ़ने से सामाजिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।




