CG News: नारायणपुर को जाम से राहत की सौगात: 9.5 किमी बाईपास से बदलेगी शहर की रफ्तार

नारायणपुर को जाम से राहत की सौगात: 9.5 किमी बाईपास से बदलेगी शहर की रफ्तार
नारायणपुर, 18 अप्रैल 2026। जिले के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नारायणपुर में 9.5 किलोमीटर लंबी बहुप्रतीक्षित बाईपास सड़क परियोजना को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और वन मंत्री Kedar Kashyap के मार्गदर्शन में यह परियोजना शहर को ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं से राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।
यह बाईपास विशेष रूप से भारी वाहनों के लिए समर्पित होगी, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और आम नागरिकों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में भारी वाहनों के शहर के अंदर से गुजरने के कारण अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
🔸 ग्रामीण अंचलों को मिलेगा विकास का नया रास्ता
प्रस्तावित बाईपास सड़क तेलसी, कनेरा, मरदेल, करलखा, दुग्गाबेंगाल, गरांजी और गढ़बेंगाल जैसे प्रमुख गांवों से होकर गुजरेगी। इससे न केवल शहर के बाहर भारी वाहनों का डायवर्जन संभव होगा, बल्कि इन गांवों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी और विकास को नई गति मिलेगी।
🔸 कलेक्टर ने गांव पहुंचकर सुनी समस्याएं
परियोजना को सफल बनाने के लिए कलेक्टर Namrata Jain स्वयं करलखा गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बाईपास के महत्व और इसके फायदे को सरल भाषा में समझाया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
🔸 शहर में ट्रैफिक होगा व्यवस्थित
बाईपास के निर्माण के बाद भारी वाहन जैसे ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहन शहर के मुख्य मार्गों की बजाय इस नए मार्ग से गुजरेंगे। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुचारू हो सकेगी। साथ ही दुर्घटनाओं की संभावना में भी कमी आएगी, जिससे नागरिकों को राहत मिलेगी।
🔸 विकास का नया अध्याय लिखेगी परियोजना
यह बाईपास सड़क केवल यातायात सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र विकास का आधार बनेगी। इससे जुड़े गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि इस परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारकर नारायणपुर को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाए। यह पहल निश्चित रूप से जिले के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।




