CG News: कच्ची झोपड़ी से पक्के सपनों तक: सिलगेर के माड़वी कोसा बने आत्मनिर्भर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी

कच्ची झोपड़ी से पक्के सपनों तक: सिलगेर के माड़वी कोसा बने आत्मनिर्भर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी
रायपुर, 16 अप्रैल 2026।
जिले के विकासखंड कोन्टा अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलगेर के निवासी श्री माड़वी कोसा के जीवन में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जो परिवार कभी जर्जर कच्ची झोपड़ी में जीवन यापन कर रहा था, आज वह सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के मकान में रह रहा है। शासन की योजनाओं ने उनके सपनों को साकार कर दिया है।
नियद नेल्लानार योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संयुक्त प्रयासों से यह बदलाव संभव हुआ है। यह सिर्फ एक मकान का निर्माण नहीं, बल्कि एक परिवार के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल है।
मेहनत और हुनर से बदली तक़दीर
इस परिवर्तन की सबसे बड़ी कड़ी रही रूरल मेसन ट्रेनिंग, जिसे मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर माड़वी कोसा ने खुद अपने घर का निर्माण किया। उन्होंने न केवल तकनीकी ज्ञान हासिल किया, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की।
💰 योजनाओं से मिला संबल
वित्तीय वर्ष 2024–25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत उन्हें 1.20 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत हुई। साथ ही मनरेगा के माध्यम से 95 मानव दिवस का रोजगार और 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता मिली, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली।
इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12,000 रुपए की सहायता से शौचालय निर्माण, सोलर पैनल से रोशनी तथा नल-जल योजना से स्वच्छ पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इन सभी सुविधाओं ने उनके परिवार के जीवन स्तर को पूरी तरह बदल दिया है।
🌟 प्रशासन ने बताया मॉडल उदाहरण
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस पहल को जिले के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर लोगों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर ने इसे सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से गुणवत्ता बढ़ती है और हितग्राही सशक्त बनता है।
मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रवास के दौरान उन्होंने माड़वी कोसा से मुलाकात कर उन्हें साल-श्रीफल एवं सांकेतिक चाबी भेंट कर सम्मानित किया। यह पल उनके लिए जीवनभर की याद बन गया।
प्रेरणा बनी एक कहानी
आज माड़वी कोसा का पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और सरकारी योजनाओं के सही लाभ का प्रतीक है। यह कहानी पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।




