
दंडकारण्य दर्पण
‘पढ़ई तिहार’ बना जनआंदोलन, ‘अंगना में शिक्षा’ से घर-घर पहुंची सीखने की रोशनी
कोंडागांव। जिले में शिक्षा के प्रति जागरूकता और जनसहभागिता का अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जब ‘अंगना में शिक्षा’ अभियान के तहत ‘पढ़ई तिहार’ का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान एवं जिला मिशन समन्वयक ईमल बघेल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा को घर-घर तक पहुंचाने का सशक्त संदेश दिया।
जिले के पांचों विकासखंड कोंडागांव, माकड़ी, फरसगांव, बड़ेराजपुर और केशकाल की 1252 प्राथमिक शालाओं में एक साथ आयोजित इस अभियान में 48 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं, 2700 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल हुए। हर स्कूल में शिक्षा का पर्व मनाया गया, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो उठा।
‘अंगना में शिक्षा’ पहल के तहत घर और आंगन को सीखने का केंद्र बनाया गया है। इस अभिनव प्रयास में माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणनात्मक कौशल को मजबूत किया जा रहा है। इससे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ने के साथ परिवार और समाज की सहभागिता भी मजबूत हो रही है।
‘पढ़ई तिहार’ के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों और नवाचारों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया, जिससे अभिभावकों में भी शिक्षा के प्रति नई जागरूकता विकसित हुई।
कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों, स्रोत समन्वयकों तथा डीआरजी और बीआरजी टीमों द्वारा सतत निगरानी की गई। साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से गतिविधियों की एंट्री कर पारदर्शिता भी सुनिश्चित की गई।
बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष ‘पढ़ई तिहार’ की तिथि में परिवर्तन कर इसे 25 अप्रैल के स्थान पर 11 अप्रैल को आयोजित किया गया। साथ ही समर कैंप को स्कूलों से हटाकर घरों में संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें ‘स्मार्ट माता’ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
समर कैंप के अंतर्गत घरों में ‘ब्लैकबोर्ड कॉर्नर’ बनाकर बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही स्वच्छता, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ओआरएस, नारियल पानी, नींबू पानी एवं पर्याप्त जल सेवन जैसी आदतों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
समग्र शिक्षा कोंडागांव के पेडागॉजी प्रभारी श्रीनिवास नायडू के अनुसार यह पहल बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगी।




