
सी.पी. राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति
452 मतों से विपक्षी उम्मीदवार पर भारी, 98% से अधिक मतदान
नई दिल्ली। एनडीए उम्मीदवार और भाजपा के वरिष्ठ नेता सी.पी. राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। मंगलवार को संसद भवन में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्हें 452 वोट मिले। उनके सामने विपक्ष के साझा प्रत्याशी, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी थे, जिन्हें 300 मत प्राप्त हुए।
चुनाव अधिकारी पी.सी. मोदी ने परिणाम की घोषणा करते हुए बताया कि कुल 767 सांसदों ने मतदान किया। इनमें से 752 वोट वैध और 15 अमान्य घोषित किए गए। मतदान प्रतिशत लगभग 98.2% रहा।
राधाकृष्णन की जीत पहले से तय मानी जा रही थी क्योंकि संसद में एनडीए का संख्या बल विपक्ष की तुलना में अधिक है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग की अटकलें भी चल रही थीं।
राजनीतिक सफर
तमिलनाडु से आने वाले सी.पी. राधाकृष्णन का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहरा जुड़ाव रहा है। वे भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ता और दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। हाल ही में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रहे। अपनी सादगी और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाने वाले राधाकृष्णन को दक्षिण भारत में भाजपा के “चेहरा” के तौर पर भी देखा जाता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिला। परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षी नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई महज़ सत्ता की नहीं बल्कि “आदर्श और विचारधारा” की है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
राधाकृष्णन की यह जीत न सिर्फ एनडीए की मजबूती का संकेत है, बल्कि दक्षिण भारत में पार्टी की बढ़ती राजनीतिक पकड़ को भी दर्शाती है। अब वे अगले पाँच वर्षों तक राज्यसभा के सभापति और देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन रहेंगे।




