
नक्सल दंश झेल कर शहर में पनहा लिए पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिलने पर नक्सल पीड़ित परिवार हुए लामबंद : कहां गांव में नक्सलियों का अत्याचार सह रहे थे और शहर में प्रशासन का हमारे जीवन में कहीं सुख नहीं है।
नारायणपुर: नक्सल प्रभावित जिला है जहाँ पर अबुझमाड़ सहित अन्य क्षेत्रों से आकर वर्तमान में नगरपालिका क्षेत्र के गुडरीपारा एवं शांतिनगर में हजारों परिवार निवासरत है। नक्सल पीड़ित लोगों का कहना है कि नक्सल पीड़ित परिवार व आत्मसमर्पण किये नक्सलियों को पुनर्वास सहित अन्य शासन की योजनाओं का लाभ नही मिल रहा है।

नक्सल पीड़ित परिवारों को पुनर्वास का लाभ नहीं मिलने पर रायपुर में करेंगे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
नारायणपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नक्सल पीड़ित पुनर्वास योजना किया गया है जिसका संपूर्ण लाभ नक्सल पीड़ित परिवार को शासन के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन के द्वारा योजनाओं का लाभ जिला नारायणपुर में नहीं दिया जा रहा इसके लिए पीड़ित परिवार के द्वारा दिनांक 6 मार्च 2022 को रायपुर के टाटीबंध मेन हाईवे जाम करने का आह्वान किया गया था। लेकिन नक्सल पीड़ित संगठन के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान एवं विजय प्रकाश गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष की द्वारा उच्च अधिकारियों से फोन पर बात हुई जिस पर चक्काजाम एवं धरना प्रदर्शन रोकने के लिए दिनांक 6 मार्च 2022 को नहीं किया जाएगा आगे बताया कि योजनाओं का लाभ तत्काल जिला के कलेक्टर एवं एसपी द्वारा नक्सल पीड़ित प्रमाण पत्र राशन कार्ड बस पास एवं अन्य सुविधाएं नक्सल पीड़ित प्रमाण पत्र शासन द्वारा आदेशित किया जाएगा। और 15 दिन के भीतर पीड़ित परिवारों को लाभ देने कहा गया जिस पर नक्सल पीड़ित परिवार ने धरना एवं चक्काजाम स्थगित किया गया।
आज शुक्रवार को गुडरीपारा में नक्सल पीड़ित परिवार के करीब सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में मीटिंग आयोजित की। आगे जानकारी दी कि योजनाओं का लाभ पीड़ित परिवार को नहीं मिलने पर 18 मार्च 2022 को रायपुर के बूढ़ा तालाब पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा
बैठक में सोनबती पोटाई नक्सल पीड़ित महिला ने बताया कि नक्सली और पुलिस के बीच आम आदमी ही दोनों तरफ से पीस रहा है, नक्सल पीड़ित परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ जब तक नहीं मिलेगा नक्सलवाद खत्म नहीं होगा।

जन सेवा संगठन नक्सल पीड़ित प्रदेश अध्यक्ष विजय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन नक्सल पीड़ित परिवार को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का जो दावा कर रही है वह पूरी तरह से झूठ है,जिले में लगभग 2000 से अधिक नक्सल पीड़ित परिवार है जहां प्रशासन अब तक 577 लोगों को नक्सल पीड़ित पुनर्वास योजना के तहत लाभ देने आंकड़े बता रही है वह पूरी तरह से गलत है। क्योंकि यहां पर किसी भी नक्सल पीड़ित परिवार को पुनर्वास योजना के लाभ नहीं मिला है
रजनी गोटा नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य ने बताया कि पुनर्वास योजना के तहत नक्सल पीड़ित परिवार को धरातल पर काम नहीं हुआ है केवल कागजों में योजनाएं बनी हुई है। जिला प्रशासन नक्सल पीड़ित परिवारों को जमीन,पेयजल,बिजली,सड़क, शिक्षा,राशन सहित अन्य सभी जरूरी सुविधायें सुलभ कराने दावा कर रही है, बता दे कि नक्सल पीड़ित परिवार एवं आत्मा समर्पित नक्सलियों की समस्याओं को सुनने के लिए जिला प्रशासन के आला अधिकारी समय-समय पर इनके बीच जाकर इनकी समस्याओं को सुनते है और उनका निराकरण करने कुछ इस शिविर का आयोजन कर उनसे रूबरू होकर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा।



