header ads
खेल

अभाव के बावजूद आदिवासी बेटी ने इंटरनेशनल कराते प्रितियोगिता में भारत के लिए जीता सिल्वर मेडल ,,,,,

 

अभाव के बावजूद आदिवासी बेटी ने इंटरनेशनल कराते प्रितियोगिता में भारत के लिए जीता सिल्वर मेडल ,,,,,

लक्ष्मीकांत बंसोड़

बालोद जिले के आदिवासी विकासखण्ड डौंडी के छोटे से गांव में रहने वाली 23 वर्षिय बालिका राधिका हिड़को ने अपना नाम इंटरनेशनल पर ला दिया है ,,, दो बार नेशनल की प्लेयर रही कराते में अपना जौहर दिखाते हुए इंटरनेशनल स्तर पर चल रहे विशाखापट्टनम में आयोजित प्रतियोगिता में बतौर प्लेयर बालिका ने दूसरा स्थान प्राप्त कर भारत के लिए सिल्वर मेडल हासिल किया है ,,,,वही पहले स्थान पर बंगला देश रहा ।

,,,स्वर्णाभारती इंदौर स्टेडियम विशाखापट्टनम में 5 वीं इंटरनेशनल कराते प्रितियोगिता में 9 देश को बालक बालिका भाग ले रहे है ,,राधिका ने लल्लूराम डाट काम से बात चीत में बताया की वह बहुत ही गरीब परिवार से आती है और रोज कठिन परिश्रम से इस मुकाम को प्राप्त किया है मेरे पिता चलने में असमर्थ है इस कारण परिवार के भरण पोषण के लिए भी मुझे काम करना पड़ता है साथ साथ खेलो में भी मैं विशेव रुचि रखती हूं मेरा कराते के साथ साथ कबड्डी भी प्रिय खेल है ,,,,,गांव के बेटियों ओर छोटे भाइयों को भी मैं रोज प्रेक्टिस करवाती हु ताकि बेटियां अपनी रक्षा कर सके ,,,,,

वही राधिका की इस जीत से गांव में खुसी का माहौल है और खुशियों में फटाके भी फोड़े गए है,,,राधिका के आने का इंतजार और स्वागत की भी तैयारियां की गई है ।।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!