
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शासन की योजनाओं के प्रति जताया आभार
नारायणपुर, 19 अगस्त 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए संचालित शासकीय योजनाएं किसानों और पशुपालकों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। नारायणपुर जिले के ग्राम रेगांवड निवासी रैनू राम सलाम ने डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। आज उनका डेयरी व्यवसाय परिवार की आय का बेहतर माध्यम बनने के साथ ही गांव के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश पर पशुधन विकास विभाग द्वारा पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। इसी योजना के तहत रैनू राम सलाम को दो दुग्धारू गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 93 हजार 240 रुपये का अनुदान मिला। विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक पशुपालन तकनीकों को अपनाते हुए उन्होंने डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाया।
वर्तमान में रैनू राम की डेयरी में चार दुग्धारू गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। नियमित टीकाकरण, हरे चारे की व्यवस्था और नस्ल सुधार जैसी सुविधाओं का लाभ लेकर उन्होंने दूध उत्पादन में बढ़ोतरी की है। डेयरी व्यवसाय से उनकी मासिक आय करीब 10 हजार रुपये से बढ़कर 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। दूध के साथ वे दही और पनीर का उत्पादन भी कर रहे हैं, जिसकी स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है।
रैनू राम सलाम ने बताया कि डेयरी व्यवसाय शुरू होने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। इससे परिवार की आय बढ़ने के साथ पोषण स्तर में भी बेहतर बदलाव हुआ है। उन्होंने शासन की योजना का लाभ मिलने पर छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण परिवारों को शासन की योजनाओं की सही जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन मिले तो वे पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिले में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान और पशुपालक इन योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें।




