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CG: अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचे राकेश उसेंडी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों का किया जमीनी निरीक्षण

कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव तो कहीं महीनों से बंद स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने बताई अपनी समस्याएं

अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचे राकेश उसेंडी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों का किया जमीनी निरीक्षण

 

कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव तो कहीं महीनों से बंद स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने बताई अपनी समस्याएं

 

नारायणपुर/अबूझमाड़। अबूझमाड़ के दुर्गम और अंतिम छोर तक पहुंचकर जिला पंचायत सदस्य एवं शिक्षा समिति तथा स्वास्थ्य समिति के सदस्य राकेश उसेंडी ने क्षेत्र की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। ग्राम पंचायत हांदावाड़ा और संकुल बेड़मा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने नदी-नालों, पगडंडियों और कठिन रास्तों को पार कर आश्रम शालाओं, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों तथा स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया।

अबूझमाड़ में स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते राकेश उसेंडी
अबूझमाड़ के हांदावाड़ा और बेड़मा क्षेत्र में स्कूल एवं स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करते जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विद्यालयों और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने क्षेत्र में भवन, बिजली, शौचालय, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई समस्याएं उनके सामने रखीं।

 

140 से 150 घरों का गांव, फिर भी आंगनबाड़ी केंद्र का इंतजार

 

ग्राम बेड़मा में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में करीब 140 से 150 घर हैं, लेकिन अभी तक आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के लिए पंचायत और ग्रामीणों की ओर से कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं।

 

ग्रामीणों ने बताया कि छोटे बच्चों और महिलाओं को आंगनबाड़ी से मिलने वाली सेवाओं के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने जल्द आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत करने की मांग जिला पंचायत सदस्य के सामने रखी।

 

राकेश उसेंडी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को संबंधित विभाग और शासन प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।

 

हांदावाड़ा और बेड़मा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों की चिंता

 

दौरे के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हांदावाड़ा और उप स्वास्थ्य केंद्र बेड़मा का भी निरीक्षण किया गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्रों के लंबे समय से नियमित रूप से संचालित नहीं होने की समस्या सामने रखी।

 

ग्रामीणों का कहना था कि बीमारी या आपात स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों की ओर जाना पड़ता है। गंभीर बीमारी की स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण कई लोग पारंपरिक मान्यताओं और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपचार का सहारा लेने को मजबूर होते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था करने और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

 

वर्ष 2023 से अधूरा शौचालय निर्माण, विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी

 

माध्यमिक विद्यालय जास्रम के निरीक्षण के दौरान शौचालय निर्माण का मामला भी सामने आया। ग्रामीणों और विद्यार्थियों के अनुसार विद्यालय में शौचालय निर्माण का कार्य वर्ष 2023 से अधूरा पड़ा है।

 

शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें कई बार खुले स्थानों और आसपास के नदी नालों की ओर जाना पड़ता है।

 

ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण में देरी को लेकर सवाल उठाते हुए निर्माण की स्थिति, स्वीकृत राशि, खर्च की गई राशि और लंबित कार्य की जांच कराने की मांग की।

 

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान होना गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित विभाग से अधूरे निर्माण कार्य की स्थिति की जांच कराकर शौचालय का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की।

 

उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत राशि के उपयोग और कार्य की प्रगति की जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

 

दुर्गम रास्तों के बीच शिक्षक निभा रहे जिम्मेदारी

 

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला हितामपारा सहित अन्य विद्यालयों का भी जायजा लिया गया। इस दौरान शिक्षक विद्यालय में उपस्थित मिले।

 

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद कठिन हैं। कई शिक्षकों को नदी नालों और दुर्गम पगडंडी रास्तों को पार कर विद्यालय तक पहुंचना पड़ता है। इसके बावजूद वे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर बच्चों को शिक्षा देने का प्रयास कर रहे हैं।

 

राकेश उसेंडी ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, उपस्थिति और विद्यालय की व्यवस्थाओं के बारे में बातचीत की। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में विद्यालय पहुंचकर बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

 

कागजों से नहीं, जमीन पर पहुंचकर समझी जा सकती है अबूझमाड़ की तस्वीर

 

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि अबूझमाड़ के दूरस्थ इलाकों की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए गांवों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नदी नाले, दुर्गम पगडंडियां और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां आज भी बड़ी चुनौती हैं।

 

उन्होंने कहा कि बच्चों और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, शौचालय, बिजली, भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं को शासन प्रशासन के संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक विकास की सुविधाएं पहुंचाना जरूरी है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वे क्षेत्र की समस्याओं को लगातार संबंधित मंचों पर उठाते रहेंगे।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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