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CG: कोयलीबेड़ा में पहली बार जिला स्तरीय मेगा शिविर, 1040 ग्रामीणों ने कराया ओपीडी पंजीयन

सोनोग्राफी से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध, 18 पंचायतों में 2.01 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी

कोयलीबेड़ा में पहली बार जिला स्तरीय मेगा शिविर, 1040 ग्रामीणों ने कराया ओपीडी पंजीयन

 

सोनोग्राफी से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध, 18 पंचायतों में 2.01 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी

संवाददाता – अंकुर तिवारी 

कोयलीबेड़ा, 3 अक्टूबर 2026। नक्सल गतिविधियों से लंबे समय तक प्रभावित रहे कोयलीबेड़ा क्षेत्र में शनिवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय सेवा सेतु सह मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिला स्तर पर पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयोजित इस शिविर में कोयलीबेड़ा सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ लिया।

कोयलीबेड़ा मेगा स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच
कोयलीबेड़ा में आयोजित जिला स्तरीय सेवा सेतु सह मेगा स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य जांच कराते ग्रामीण।

स्वास्थ्य शिविर में कुल 1040 ग्रामीणों का ओपीडी पंजीयन किया गया, जबकि अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित 240 आवेदन ग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपे। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना रहा।

 

कोयलीबेड़ा में पहली बार शिविर में मिली सोनोग्राफी की सुविधा

 

मेगा स्वास्थ्य शिविर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में सोनोग्राफी सुविधा रही। क्षेत्र में पहली बार शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को सोनोग्राफी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को जांच के लिए कांकेर या दूसरे शहरों तक जाने की परेशानी से राहत मिली।

 

शिविर में 41 लोगों की सोनोग्राफी, 120 लोगों के एक्स-रे और 225 लोगों की रक्त जांच की गई। जांच के बाद 135 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। वहीं 55 लोगों की दिव्यांगता प्रमाण पत्र से संबंधित जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।

 

34 लोगों ने किया रक्तदान, 18 बीएसएफ जवान रहे शामिल

 

शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जनभागीदारी का भी उदाहरण देखने को मिला। कुल 34 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया, जिनमें 18 बीएसएफ जवान शामिल रहे।

 

स्त्री रोग, ईएनटी, हड्डी रोग और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। मरीजों को निःशुल्क उपचार और दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। शिविर में 28 आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा 8 लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।

 

18 ग्राम पंचायतों में 2.01 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी

 

सेवा सेतु शिविर के दौरान कोयलीबेड़ा विकासखंड की 18 ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ 1 लाख 43 हजार रुपये की मंजूरी दी गई।

 

स्वीकृत कार्यों में 8 मुक्तिधाम के लिए 24 लाख रुपये, 15 बालिका शौचालयों के लिए 63.75 लाख रुपये, 37 डबरी निर्माण के लिए 1.12 करोड़ रुपये और 4 सैंड फिल्टर के लिए 1.58 लाख रुपये शामिल हैं।

 

इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और बाउंड्रीवाल सहित अन्य विकास कार्य भी प्रस्तावित किए गए हैं।

 

634 हितग्राहियों को मिला योजनाओं और सेवाओं का लाभ

 

शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही लाभ प्रदान किया। कुल 634 हितग्राहियों को अलग-अलग योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिला।

 

राजस्व विभाग द्वारा 100 खसरा-बी1 प्रतियां, 43 जाति प्रमाण पत्र और 46 निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। वहीं 250 हितग्राहियों को स्वामित्व योजना का लाभ दिया गया।

 

खाद्य विभाग ने 25 राशन कार्ड वितरित किए। समाज कल्याण विभाग की ओर से 30 छड़ी, 4 व्हीलचेयर और 15 श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।

 

लखपति दीदी योजना के तहत 22 हितग्राहियों को लाभ और 18 हितग्राहियों को कार्यादेश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना में 5 हितग्राहियों को लाभ मिला। कृषि विभाग द्वारा 6 किसान किताब प्रकरण, 9 किसानों को बीज तथा 11 उन्नत नर बकरे उपलब्ध कराए गए।

 

इसके अलावा 40 आयुष्मान कार्ड, 7 हितग्राहियों को फलदार पौधे तथा मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी ग्रामीणों को प्रदान किया गया।

 

सोनोग्राफी की सुविधा से महिलाओं को मिली राहत

 

शिविर में पहुंची सुलांगी की मेघरे पोटाई ने बताया कि अपनी पिछली चार गर्भावस्थाओं के दौरान सोनोग्राफी कराने के लिए उन्हें कोयलीबेड़ा से बाहर जाना पड़ा था। इस बार गांव के नजदीक ही शिविर में सोनोग्राफी की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिली।

 

कोयलीबेड़ा की हस्तिना नाग ने भी बताया कि शिविर में ही जांच की सुविधा मिलने से उन्हें सोनोग्राफी के लिए कांकेर नहीं जाना पड़ा। वहीं संबलपुर निवासी राजेन्द्र को सीने में दर्द की शिकायत थी। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक ने उनकी जांच कर आवश्यक उपचार और परामर्श दिया।

 

गंभीर मरीजों के आगे के उपचार की व्यवस्था के निर्देश

 

जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में गंभीर बीमारी, ऑपरेशन अथवा जटिल रोग से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनके आगे के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 

उन्होंने कहा कि केवल दस्तावेजों की कमी के कारण किसी पात्र व्यक्ति का प्रकरण अमान्य नहीं किया जाना चाहिए। आवश्यक दस्तावेज पूरे कराकर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

 

उन्होंने बताया कि कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर कोयलीबेड़ा विकासखंड की 18 ग्राम पंचायतों का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत जरूरतों और विकास संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी जुटाई गई है।

 

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बढ़ रही सुविधाओं की पहुंच

 

सांसद भोजराज नाग ने कहा कि कोयलीबेड़ा क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। अब क्षेत्र में सड़क, आवास, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पहुंच बढ़ रही है। सेवा सेतु जैसे आयोजनों के माध्यम से विभिन्न विभाग सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ दे रहे हैं।

 

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

 

शिविर में जनपद अध्यक्ष श्यामबती मंडावी, उपाध्यक्ष मंजू सरदार, सरपंच संघ अध्यक्ष हेमा हुपेंडी, केसेकोड़ी सरपंच फूलबती उसेंडी, चारगांव सरपंच राजबाई उसेंडी, सोनबती कवाची, देवली ध्रुव सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

इसके अलावा अपर कलेक्टर जीडी वाहिले, जनपद सीईओ उदय प्रकाश नाग, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में भाग लिया।

 

दंडकारण्य दर्पण | सच के साथ, समाज के साथ

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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