
हाइटेक तरीके से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, क्रेटा कार के दरवाजों में बने गुप्त चेंबर से 14.5 किलो गांजा बरामद
दुर्ग। दुर्ग पुलिस और एसीसीयू क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में गांजा तस्करी के एक हाइटेक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए अपनी क्रेटा कार के चारों दरवाजों के अंदर विशेष गुप्त चेंबर तैयार कर रखे थे, जिनमें गांजा छिपाकर ऊपर से फाइबर शीट चिपका दी गई थी। इस कारण सामान्य जांच में गांजा दिखाई नहीं देता था। पुलिस ने सूझबूझ और बारीकी से जांच करते हुए गुप्त चेंबरों से 14.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक क्रेटा वाहन में अवैध गांजा लेकर तस्कर महासमुंद और रायपुर होते हुए दुर्ग-भिलाई क्षेत्र की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना कुम्हारी और एसीसीयू क्राइम टीम ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे वाहन चेकिंग शुरू की।
इस दौरान रायपुर की ओर से आ रही क्रेटा कार क्रमांक सीजी 04 एच एक्स 6908 को रोककर जांच की गई। प्रारंभिक निरीक्षण में वाहन से गांजे की गंध आने पर पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी ली। जांच में सामने आया कि कार के चारों दरवाजों के भीतर खाली जगह को गुप्त चेंबर में बदल दिया गया था, जहां गांजा छिपाकर रखा गया था। ऊपर फाइबर की परत चिपकाने के कारण यह व्यवस्था सामान्य तौर पर दिखाई नहीं देती थी।
पुलिस ने वाहन से कुल 14.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 7 लाख 25 हजार रुपए बताई गई है। इसके अलावा क्रेटा वाहन, नगदी और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान तीरथा ठेला (36 वर्ष), निवासी अचलपुर, थाना राजा खरियार, जिला नुआपाड़ा (ओडिशा) तथा किशन जगत (35 वर्ष), निवासी स्टेशन चौक, कुम्हारी, जिला दुर्ग के रूप में बताई। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा के कंधमाल क्षेत्र से गांजा खरीदकर दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में अवैध बिक्री के लिए ला रहे थे।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इसी तरीके से गांजा तस्करी कर चुके हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य संभावित तस्करों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दंडकारण्य दर्पण डेस्क
पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि तस्कर अब अवैध कारोबार के लिए तकनीकी और हाइटेक तरीकों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन सतर्क पुलिसिंग और खुफिया सूचना तंत्र के सामने उनकी चालें ज्यादा समय तक नहीं टिक पा रही हैं। दुर्ग पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।




