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छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: पूना मार्गेम अभियान में लैटे : 64 लाख के इनामी 7 महिला कैडर समेत 26 नक्सलियों ने लिया मुख्यधारा में लौटने का निर्णय…. 

संवाददाता- दीपक गोटा

 

 

 

पूना मार्गेम अभियान में लैटे : 64 लाख के इनामी 7 महिला कैडर समेत 26 नक्सलियों ने लिया मुख्यधारा में लौटने का निर्णय….

छत्तीसगढ़ : के सुकमा जिले में पूना मार्गेम अभियान की यह सफलता सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जहाँ 26 माओवादियों का एक साथ मुख्यधारा में लौटना- जिनमें 7 महिला कैडर भी शामिल हैं- यह दर्शाता है कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास के प्रति विश्वास बढ़ रहा है- छत्तीसगढ़ पुलिस के इस अभियान ने संगठन की कमर तोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है

 

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी PLGA बटालियन दक्षिण बस्तर- माड़ डिवीजन तथा आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) क्षेत्र में सक्रिय थे-इन 26 माओवादियों पर कुल 64 लाख रूपये का इनाम घोषित था- संगठनात्मक पदों के अनुसार इनमें शामिल नक्सली

 

संगठनात्मक पद :

CYPCM (कंपनी युवा पीपुल्स कमेटी सदस्य): 01 (इनामः 8 लाख रूपये)

DVCM (डिवीजनल कमेटी सदस्य): 01 (इनाम: 8 लाख रूपये)

PPCM (प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य): 03 (प्रत्येक पर 5 लाख का इनाम)

ACM (क्षेत्रीय कमेटी सदस्य): 03 (प्रत्येक पर 5 लाख का इनाम)

पार्टी सदस्यः 18 (प्रत्येक पर 1 लाख का इनाम)

 

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक ये माओवादी सुकमा-माड़ क्षेत्र और ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं-लगातार सुरक्षा बलों का दबाव-विकास कार्यों की बढ़ती पहुंच और पूना मार्गेम अभियान की सकारात्मक नीति ने इन्हें हिंसा का रास्ता त्यागने के लिए मजबूर किया है

 

पूना मार्गेम अभियान का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को नक्सलवाद से निकालकर सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देना है, जिसमें आत्मसमर्पण करने वालों को छत्तीसगढ़ सरकार आर्थिक मदद- सुरक्षा- आवास- शिक्षा और रोजगार जैसे लाभ देती है

 

सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने भी माओवादियों से हिंसा छोड़कर शांति अपनाने की अपील की है- सरकार पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है

 

यह आत्मसमर्पण जिला पुलिस के पूना नार्कोम (एक नई सुबह) अभियान और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर किया गया है

जिसमें प्रत्येक आत्मसमर्पित नक्सली को तत्काल सहायता के रूप में 50,000 रूपये दिए गए हैं और उनका पुनर्वास सरकारी नीति के अनुसार किया जाएगा

 

यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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