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Chhattisgarh : नक्सल गढ़ में सुरक्षाबलों की मजबूती—28 नवंबर को बनाया गया ऑपरेशन बेस बना बड़ी सफलता की नींव

संवाददाता- दीपक गोटा

नक्सल गढ़ में सुरक्षाबलों की मजबूती—28 नवंबर को बनाया गया ऑपरेशन बेस बना बड़ी सफलता की नींव

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर अबुझमाड़ क्षेत्रों में नक्सलवाद के खात्मे का समय केन्द्र सरकार ने मार्च 2026 तय किया हैं सुरक्षा बल के जवानों ने छत्तीसगढ़ के सुदूर अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए एक बड़ी प्लानिंग किया जिससे रणनीति के तहत आईटीबीपी के जवानों ने नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए क्षेत्र में एक सामरिक अड्डा स्थापित किया है

 

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 44वीं बटालियन ने 28 नवंबर को नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 140 किलोमीटर दूर लंका गांव में एक ऑपरेशन बेस स्थापित किया है कभी यही इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता था

 

अधिकारियों के मुताबिक आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) शिविर दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में अबूझमाड़ के घने जंगलों में स्थापित किया गया है अधिकारियों के अनुसार- इस स्थान का चयन रणनीतिक सुरक्षा कारणों से किया गया है- यह शिविर छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से केवल तीन किलोमीटर दूर स्थित है- यह स्थान महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले से सटा हुआ है जिससे दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी

 

अबूझमाड़ क्षेत्र नारायणपुर जिले में लगभग 4,000 वर्ग किमी में फैला है और इसे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी) का गढ़ माना जाता है

नक्सलियों खिलाफ सब बड़ा ऑपरेश

यहां घने जंगल हैं जो माओवादियों के लिए पनाहगाह रहे हैं और इनमें लगभग 237 गांव हैं जहां करीब 35,000 लोग-मुख्यत आदिवासी रहते हैं

 

अधिकारी ने कहा कि (लंका) आईटीबीपी बेस ने नक्सलियों के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार को प्रभावी ढंग से सील कर दिया है- जिससे महाराष्ट्र के गढ़चिरोली और छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिलों के बीच उनकी आवाजाही एवं आपूर्ति शृंखला बाधित हो गया है

उन्होंने बताया कि यह राज्य के नक्सली हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में गहराई तक पहुंचने के लिए एक व्यापक कार्य योजना के तहत पिछले तीन महीनों में अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी की ओर से स्थापित नौवां ऐसा शिविर किये गए

 

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी के कई कंपनी ऑपरेटिंग बेस (सीओबी)/शिविर

एडजुम-इदवाया -एडर-कुडमेल -जटलूर -धोबे- डोडी मार्का- पदमेटा में स्थित किये गए हैं

 

ये सभी शिविर सुरक्षा बलों को तेलंगाना” महाराष्ट्र और अबूझमाड़ के बीच नक्सलियों द्वारा लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे गलियारे को बंद करने में मदद करेंगे- आईटीबीपी का लंका कंपनी ऑपरेटिंग बेस (सीओबी) बीजापुर जिले में बेदरे के सामने-इंद्रावती नदी से लगभग छह किलोमीटर उत्तर में स्थित है

 

जहाँ अधिकारियों ने बताया कि बेदरे में एक महत्वपूर्ण लंबे समय से अटके पुल के निर्माण में ठेकेदारों और श्रमिकों की सहायता के लिए एक नया सुरक्षा शिविर स्थापित किया गया है- यह पुल क्षेत्र में यात्रा का समय काफी कम कर देगा और अबूझमाड़ के प्रमुख गांवों तक पहुंच आसान बना देगा-जिससे बुनियादी ढांचे का विकास होगा और सुरक्षाबलों की तैनाती-भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने नक्सल विरोधी अभियानों के लिए छत्तीसगढ़ में लगभग आठ बटालियन तैनात की हैं

 

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के प्रभाव पर प्रकाश डालती है

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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