header ads
छत्तीसगढ़मध्य प्रदेशराष्ट्रीय

National : MMC ज़ोन का सबसे बड़ा सरेंडर, कुख्यात अनंत उर्फ विनोद सय्यना समेत 11 नक्सलियों ने हथियार डालें, 89 लाख का इनामी नेटवर्क ढहा

संवाददाता- दीपक गोटा

 

 

MMC: ज़ोन के कुख्यात नक्सली नेता अनंत उर्फ विनोद सय्यना समेत 11 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण जिन पर था कुल 89 लाख इनाम घोषित

महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) ज़ोन के कुख्यात नक्सली नेता अनंत उर्फ विनोद सय्यना समेत कुल 11 नक्सलियों ने गोंदिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है- इन सभी पर कुल 89 लाख रुपये का इनाम था-जिसमें अकेले विनोद सय्यना पर 25 लाख रुपये का इनाम शामिल था

 

पुलिस के अनुसार ये सभी दरेकसा दलम से जुड़े थे जिसे महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ (MMC) जोन का सबसे सक्रिय नक्सली समूह माना जाता है आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ा नाम अनंत उर्फ़ विनोद सैयाना का है

 

यह आत्मसमर्पण उस समय हुआ जब MMC विशेष संभागीय समिति की ओर से 1 जनवरी 2026 तक सरेंडर की दूसरी शांति अपील जारी की गई थी- इस अपील के अगले ही दिन पूरा दरेकसा दलम गोंदिया में पुलिस के सामने हथियार डालने पहुँच गए

 

इस आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ा मोड़ माना जा रहा है- पुलिस अधिकारियों के अनुसार संयुक्त सुरक्षा दबाव- लगातार बढ़ते विकास कार्य और सरकार की शांति अपील ने दरेकसा यूनिट को हथियार डालने के लिए मजबूर कर दिया

 

महाराष्ट्र मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (MMC) क्षेत्र के नक्सली समूह ने 1 जनवरी 2026 से सशस्त्र संघर्ष विराम की घोषणा की है अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा और भविष्य में नक्सल गतिविधियों में और कमी आएगी-क्योंकि कई नक्सली एक साथ हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं

 

हाल ही में अनंत ने महाराष्ट्र- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों को पत्र लिखकर सुरक्षा अभियान को 34 दिनों के लिए रोकने की अपील की थी ताकि बिखरे हुए गुरिल्ला एकत्र होकर आत्मसमर्पण कर सकें- हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इसे ठुकरा दिया और संयुक्त ऑपरेशन जारी रखा पुलिस अधिकारियों के अनुसार महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के संयुक्त दबाव विकास कार्य और हालिया शांति अपील ने इस यूनिट को हथियार डालने पर मजबूर किया

 

DIG का बयान अंकित गोयल ने कहा कि दरेकसा दलम के पतन से राजनांदगांव-गोंदिया-बालाघाट संभागीय समिति ने अपनी अंतिम सक्रिय सैन्य इकाइयों में से एक खो दी है यह माओवादियों के कथित रेड कॉरिडोर में सुरक्षा बलों के लिए निर्णायक जीत है

 

यह दलम तीन राज्यों के सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय था

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)

गोंदिया (महाराष्ट्र)

बालाघाट (मध्य प्रदेश)

 

आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने पुलिस को बड़ी मात्रा में गोला-बारूद सौंपा।

अनंत ने AK-47 राइफल- दो मैगजीन और दो मोबाइल फोन जमा की और- दलम कमांडर नागसू उर्फ गोलू उर्फ पांडू पुसू बाडे ने SLR राइफल सौंपी

महिला कैडर रानो उर्फ रामे येशू नरोटे ने INSAS राइफल भी सौंपी जिसमें गोंदिया के एसपी गोरख भामरे ने बताया कि सभी आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को महाराष्ट्र और केंद्र सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लाभ मिलेगा

 

यह आत्मसमर्पण नक्सलवाद विरोधी अभियानों में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!