
नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर उठाया सवाल , कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा बायोडाटा जनता के सामने पेश करो ,नक्सलवाद की कमर टूट रही है नक्सल मुक्त अभियान के चलते लगातार माओवादी कर रहे बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण,
नक्सवाद के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।जिससे नक्सलवाद की कमर अब टूटने लगी है। जहां एक ओर आज महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में CM देवेंद्र फडणवीस के सामने नक्सली नेता मल्लौजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति सोनू दादा भूपति, प्रभाकर समेत 60 नक्सलियों के साथ सरेंडर किया। वहीं सुकमा में 50 लाख के इनामी 27 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं…आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नंबर 01 के दो हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं….वही उत्तर बस्तर स्थित कांकेर जिले में करीब 100 नक्सलियों ने सरेंडर कर किया है….जिसमें इनमें टॉप लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल है।
सुकमा में 1 सीवायसीएम, 15 पार्टी सदस्य और 11 अग्र संगठन के सदस्य पुलिस अधिकारियों के सामने सरेंडर हुए। इनमें 10 महिला और 17 पुरुष नक्सली हैं। इन सभी पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था — जिसमें एक पर 10 लाख, तीन पर 8-8 लाख, एक पर 3 लाख, दो पर 2-2 लाख और नौ पर 1-1 लाख का इनाम था। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर नक्सलियों ने सरेंडर किया…. लगातार बढ़ते सुरक्षा कैंपों और पुलिस की मजबूत पकड़ से नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है…वही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान कहा नक्सलियों ने किया आत्मसम्पर्ण स्वागत योग्य है , जिस तरह से सरकार काम कर रही है , पुनर्वास निति का लाभ इन्हे मिलेगा , बढे कैडर के नक्सली बाहर के इसलिए बाहर सरेंडर करते है , बड़ी संख्या में वापिस आ रहे भाव बदले है नक्सलियों के लिए अच्छे रीजन के लिए मरना नहीं जीना जरुरी है|
विजय शर्मा – उपमुख्यमंत्री
प्रदेश में नक्सलियों के तरफ से हो रही आत्मसमर्पण पर सवाल उठाते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आत्म समर्पण कैसे होता है कि सबको पता है 15 साल में कैसा आत्मसमर्पण किया है यह सब जानते है…इसलिए आत्मसमर्पित नक्सलियों का बायोडाटा एक बार पेश जनता के सामने पेश करें उनके पास कौन सा हथियार था सब क्लियर करें।।आत्मसमर्पित नक्सलियों पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करना चाहिए कौन सा अपराध किया किस किस घटना में शामिल थे सब सार्वजनिक करना चाहिए। … व्ही इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा की सार्वजनिक होता ही है सार्वजनिक रूप से जो सरेंडर करने वाले लोग हैं उनका सार्वजनिक किया जाता है उनके डिटेल भी सार्वजनिक किए जाते हैं दीपक बैज को प्रसन्न होना चाहिए कि उनका बस्तर शांति और खुशहाली की और आगे बढ़ रहा है पर क्यों ऐसा पूछते हैं यह समझ से पर है|
दीपक बैज – प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
अरूण साव – उपमुख्यमंत्री
इस ऑपरेशन में जिला बल, डीआरजी, विआशा, इंटेरोगेशन सेल, एसटीएफ, सीआरपीएफ की कई वाहिनियों और कोबरा बटालियन की अहम भूमिका रही। सुरक्षा बलों की यह रणनीति नक्सल प्रभावित इलाकों में निर्णायक साबित हो रही है। इससे पहले महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सली नेता सोनू दादा उर्फ भूपति समेत 60 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। और अब सुकमा में 27 नक्सलियों के सरेंडर से नक्सली संगठन को लगातार दूसरा बड़ा झटका लगा है।छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर सुरक्षा बलों का प्रहार जारी है…सरेंडर का सिलसिला बताता है कि अब नक्सली संगठन की कमर टूटने लगी हैं।
सुकमा जिले में 27 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया, जिनमें 50 लाख रुपये के इनामी नक्सली भी शामिल हैं।
यह परिवर्तन आत्मसमर्पण नीति और नियद नेल्ला नार योजना की सफलता का प्रमाण है, जो शांति और पुनर्वास की नई राह खोल रही है।
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन, माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के सुशासन के विज़न पर आगे बढ़ते हुए, छत्तीसगढ़ अब जल्द नक्सलवाद से पूर्ण
मुक्त होगा।



