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अबूझमाड़छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: जवानों को मिली अब तक की सबसे बड़ी सफलता एक साथ 103 माओवादियों ने किया सरेंडर जिसमें 49 नक्सलियों पर था 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपये इनाम घोषित

जवानों की मिली अब तक की सबसे बड़ी सफलता एक साथ 103 माओवादियों ने किया सरेंडर जिसमें 49 नक्सलियों पर था 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपये इनाम घोषित

 

अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सल संगठन को एक बड़ा झटका लगा है, छत्तीसगढ़ के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ा माओवादी आत्मसमर्पण हुआ है, बीजापुर जिले में आज ,103 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया ।

 

इस साल बड़ी संख्या में 410 माओवादियों ने हथियार डाला है 01 जनवरी 2025 से अब तक माओवादी घटनाओं में शामिल 421 माओवादी आत्मसमर्पण किया है।

 

जबकि 01 जनवरी 2024 से अब तक माओवादी घटनाओं में शामिल 924 माओवादी नक्सली गिरफ्तार हुए, 599 माओवादी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया ।

 

 

इस बार सरेंडर करने वालों में कई बड़े नक्सली नेता भी शामिल इस बड़े आत्मसमर्पण में संगठन के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं।

जिसमें डीव्हीसीएम-01, पीपीसीएम-04, एसीएम-04, प्लाटून पार्टी सदस्य-01, डीएकेएमएस अध्यक्ष-03, सीएनएम अध्यक्ष-04, केएएमएस अध्यक्ष-02, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य-05, मिलिशिया कमांडर/डिप्टी कमांडर-05, जनताना सरकार अध्यक्ष-04, पीएलजीए सदस्य-01,सीएनएम सदस्य-12, जनताना सरकार उपाध्यक्ष-04, डीएकेएमएस उपाध्यक्ष-01, जनताना सरकार सदस्य-22, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-23, जीपीसी-02, डीएकेएमएस सदस्य-04 और भूमकाल मिलिशिया सदस्य-01 कुल 106.30 लाख रुपये के इनाम वाले 49 माओवादी नक्सली कुल 103 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

आत्मसमर्पण करने वाले 49 नक्सलियों के उपर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपये की इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया है

 

आत्मसमर्पण के प्रमुख कारण

 

बीजापुर सहित अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में माओवादियों के आत्मसमर्पण के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण सामने आए हैं

प्रशासन द्वारा विकास कार्यों की तीव्र गति सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने माओवादियों को गहराई से प्रभावित किया है उनकी जड़ों को हिला कर रख दिया है।

 

संगठन से मोहभंग के चलते अपेक्षित परिवर्तन न आने, आंतरिक कलह, मतभेद और विश्वास की कमी ने माओवादियों को आत्ममंथन के लिए बाध्य किया,

संगठन के शीर्ष नक्सलियों नेतृत्वकर्ता माओवादी के संगठन छोड़कर समर्पण करने एवं मुठभेड़ में शीर्ष नेताओं के लगातार मारे जाने के कृष्ण से मुख्यधारा में लौटने का किया है ।

 

 

 

सुरक्षा बलों की सक्रियता: आत्मसमर्पण करने मे डीआरजी, बस्तर फाइटर, एसटीएफ, केरिपु 22, केरिपु 85, केरिपु 168,

केरिपु 199, केरिपु 222, और कोबरा 201, 202, 206, 210 का सबसे बड़ा योगदान रहा है ।

 

पुनर्वास नीति की विशेषताएं

छत्तीसगढ़ शासन की नवीन पुनर्वास नीति ने माओवादियों को एक नई आशा दी है

 

आत्मसमर्पण करने वालों को ₹50,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है पुनर्वास के तहत रोजगार, शिक्षा एवं सामाजिक पुनर्स्थापन की व्यवस्था की जाती है

आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिलता है

 

मुख्यधारा में लौटने SP की अपील

बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील की है कि वे शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हो

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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