वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, नारायणपुर में कलेक्टर कार्यालय मार्च रोका गया
हाई स्कूल मैदान में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, जय स्तम्भ चौक पर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
नारायणपुर। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी नारायणपुर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित वोट चोरी के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय तक मार्च निकालने का प्रयास किया।

कांग्रेस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हाई स्कूल मैदान के पास ही रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की।
कलेक्टर कार्यालय मार्च के दौरान पुलिस ने रोका
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मार्च कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ रहा था। इस दौरान पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों को हाई स्कूल मैदान में रोक दिया गया। आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने पर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जय स्तम्भ चौक पर पुतला दहन
मार्च के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जय स्तम्भ चौक पहुंचे, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतले के चारों ओर घेरा बनाकर नारेबाजी की। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाना है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का दिया हवाला
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाल में प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और चुनावी डेटा तक पहुंच सहित SIR से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन मतभेदों को संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। आयोग के अनुसार लिखित टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और अलग-अलग विचार आंतरिक विचार-विमर्श तथा संस्थागत जांच-परख की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने उठाए चुनावी पारदर्शिता पर सवाल
नारायणपुर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता के वोट की सुरक्षा सर्वोपरि है। पार्टी ने चुनाव आयोग से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब राष्ट्रीय स्तर पर SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों तथा चुनाव आयोग के बीच सार्वजनिक बहस जारी है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान, पीसीसी महासचिव रजनू नेताम, पीसीसी सचिव देवनाथ उसेंडी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिसेल नाग, आदिवासी कांग्रेस प्रकोष्ठ अध्यक्ष मैनु कुमेटी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पण्डी वड्डे, प्रशासनिक महासचिव शेख तौहीद अहमद, संगठन महासचिव संजय राय, शहर कांग्रेस प्रभारी रवि देवांगन, कांग्रेस प्रवक्ता अमित भद्र, कोषाध्यक्ष वीपी शुक्ला, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नैलवाल, जिला कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष माधेश्वर जैन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रशीला कश्यप, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष वेदबती पात्र सहित पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा ब्लॉक प्रभारी, मंडल अध्यक्ष, सेक्टर प्रभारी, बूथ प्रभारी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।



