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नक्सल हिंसा में पिता को खोया, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना

विपरीत परिस्थितियों से सुरक्षित घर तक पहुंची जिंदगी, पक्का मकान बना नई उम्मीद और सम्मान का आधार

नक्सल हिंसा में पिता को खोया, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना

 

विपरीत परिस्थितियों से सुरक्षित घर तक पहुंची जिंदगी, पक्का मकान बना नई उम्मीद और सम्मान का आधार

 

नारायणपुर, 27 सितंबर 2026। नक्सल हिंसा की पीड़ा झेल चुके परिवारों के लिए सुरक्षित और स्थायी आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से ऐसे परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल रहा है।

नारायणपुर बड़ेजम्हरी में प्रधानमंत्री आवास योजना से बना पक्का मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्मित लक्ष्मण पोटाई का पक्का मकान।

ग्राम पंचायत बड़ेजम्हरी निवासी लक्ष्मण पोटाई, पिता स्वर्गीय ईश्वर पोटाई की कहानी भी इसी बदलाव की एक मिसाल है। नक्सल हिंसा ने उनके परिवार को गहरे दुख और कठिन परिस्थितियों में डाल दिया था। नक्सलियों द्वारा उनके पिता स्वर्गीय ईश्वर पोटाई की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों के साथ सुरक्षित और स्थायी आवास की चुनौती भी बनी रही।

 

विशेष परियोजना के तहत मिला आवास का लाभ

 

कठिन परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास लक्ष्मण पोटाई के परिवार के लिए उम्मीद लेकर आए। उन्हें विशेष परियोजना के अंतर्गत नक्सल पीड़ित आवास के लिए पात्रता मिली।

 

पक्के मकान के निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृत राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही आवास निर्माण से जुड़े श्रम कार्यों के लिए मनरेगा के तहत मजदूरी का लाभ भी मिला।

 

शासकीय सहायता और परिवार की मेहनत से आवास निर्माण का कार्य आगे बढ़ा। आखिरकार 9 सितंबर 2025 को आवास का निर्माण पूर्ण हुआ।

 

पक्का घर बना सुरक्षा और सम्मान का आधार

 

लक्ष्मण पोटाई के लिए यह मकान सिर्फ ईंट, सीमेंट और दीवारों से बना घर नहीं है। यह उनके परिवार के लिए कठिन परिस्थितियों से उबरने और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने का आधार है।

 

नक्सल हिंसा में पिता को खोने के बाद परिवार ने जिस कठिन दौर का सामना किया, उसके बीच पक्का घर मिलने से उन्हें स्थायित्व और सुरक्षा की भावना मिली है। अब परिवार को कच्चे और असुरक्षित आवास की चिंता से राहत मिली है।

 

सरकारी सहायता से मिली नई उम्मीद

 

लक्ष्मण पोटाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवार को सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

 

सुरक्षित आवास से बेहतर भविष्य की ओर कदम

 

नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की पहल केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है। ऐसे परिवारों के लिए स्थायी आवास जीवन में सुरक्षा और स्थायित्व लाने का माध्यम भी बनता है।

 

लक्ष्मण पोटाई की कहानी बताती है कि विपरीत परिस्थितियों के बीच सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से परिवारों को अपने जीवन को नए सिरे से आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। आज उनका पक्का मकान उनके परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और आने वाले बेहतर कल की उम्मीद का आधार बना हुआ है।

 

दंडकारण्य दर्पण | सच के साथ, समाज के साथ

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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