रायपुर से मिली प्रेरणा, केसेकोड़ी की बेटियों के लिए बना आधुनिक शौचालय
आदिवासी महिला सरपंच फूलबती उसेंडी की पहल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित, बेटियों की सुविधा और सम्मान को दी प्राथमिकता
कांकेर। कोयलीबेड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत केसेकोड़ी में बेटियों के लिए तैयार किया गया आधुनिक शौचालय अब केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि एक ऐसी पहल की पहचान बन रहा है, जिसमें ग्रामीण बेटियों की जरूरत और सम्मान को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल के लिए ग्राम पंचायत की आदिवासी महिला सरपंच फूलबती उसेंडी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया।

राजधानी रायपुर प्रवास के दौरान आधुनिक और सुविधायुक्त शौचालय देखकर सरपंच फूलबती उसेंडी के मन में अपने गांव की बेटियों के लिए भी ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने का विचार आया। उन्होंने लौटने के बाद पंचायत स्तर पर इस दिशा में पहल की और बालिकाओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए आधुनिक शौचालय तैयार कराया।
शहर में देखा तो गांव की बेटियों के लिए सोचा
सरपंच फूलबती उसेंडी के मुताबिक रायपुर में आधुनिक शौचालय की सुविधा देखने के बाद उनके मन में यह सवाल आया कि अगर शहर की बेटियों के लिए बेहतर और सुविधाजनक व्यवस्था हो सकती है तो गांव की बेटियों को भी ऐसी सुविधा क्यों नहीं मिलनी चाहिए।
इसी सोच के साथ उन्होंने पंचायत में पहल की। उनका उद्देश्य केवल शौचालय का निर्माण कराना नहीं था, बल्कि ऐसा स्थान तैयार करना था जहां गांव की बेटियों को स्वच्छता, सुविधा और सम्मान का अनुभव हो।
मेरी बेटी मेरा अभिमान का संदेश
केसेकोड़ी में बनाए गए बालिका शौचालय के भवन पर मेरी बेटी मेरा अभिमान का संदेश अंकित किया गया है। यह संदेश बालिकाओं के सम्मान और उनकी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देने की सोच को सामने रखता है।
दूरस्थ क्षेत्र में बेटियों के लिए ऐसी सुविधा उपलब्ध कराना ग्रामीण विकास के उस पहलू को भी सामने लाता है, जिसमें सड़क, भवन और अन्य अधोसंरचना के साथ शिक्षा, स्वच्छता और बालिकाओं के लिए सुरक्षित सुविधाओं को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंचायत की पहल को मिली पहचान
केसेकोड़ी में तैयार बालिका शौचालय की पहल को राज्य स्तर पर पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सरपंच फूलबती उसेंडी का सम्मान किए जाने के बाद ग्रामीणों में भी उत्साह है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार केसेकोड़ी में निर्मित बालिका शौचालय को वीबी जीरामजी योजना के तहत बालिकाओं के लिए स्वच्छता और सम्मान की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल से जोड़ा गया है।
फूलबती उसेंडी के लिए यह पहल इसलिए खास है क्योंकि इसकी शुरुआत किसी बड़े शहर की सुविधा देखकर उठे एक छोटे से सवाल से हुई थी। उनका मानना है कि गांव की बेटियों को भी ऐसी सुविधाएं मिलनी चाहिए जिनसे उन्हें अपने गांव में ही सम्मान और सुविधा का एहसास हो।
केसेकोड़ी की यह पहल बताती है कि ग्रामीण विकास का अर्थ केवल बड़े निर्माण कार्य नहीं हैं। किसी गांव की वास्तविक जरूरत को समझकर उसके समाधान की दिशा में कदम उठाना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बालिकाओं के लिए स्वच्छ और सुविधाजनक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा इसी सोच को जमीन पर उतारती है।



