
शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, अमृत मिशन के काम मिशन मोड में पूरा करने पर जोर
रायपुर, 8 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहरों का विकास केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। नागरिकों को समय पर शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गति के साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने और योजनाओं की नियमित निगरानी करने को कहा।
38 नगरीय निकायों में बन रहे नालंदा परिसर
बैठक में युवाओं के लिए बनाए जा रहे नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी और रीडिंग जोन के रूप में नालंदा परिसर बनाने की स्वीकृति दी गई है। इनमें 31 परिसरों का निर्माण वर्तमान में चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों के काम में तेजी लाकर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसरों में अध्ययन के लिए उपलब्ध सीटों और सुविधाओं की जानकारी भी ली। रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित होंगे शहर
मुख्यमंत्री ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि शहरों का विकास भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात से जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने पूर्व में की गई घोषणाओं के तहत स्वीकृत नगरीय विकास कार्यों को भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
आदर्श शहर समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वच्छता और हरियाली पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इन सेवाओं की नियमित निगरानी जरूरी है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में रायपुर नगर निगम के बेहतर प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर को देश में छठा स्थान मिला है।
मुख्यमंत्री ने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कम हरियाली वाले क्षेत्रों की पहचान कर बड़े स्तर पर पौधरोपण करने और वार्डों में उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई बसें
प्रधानमंत्री ई बस सेवा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। ई बसों के संचालन के लिए जरूरी अधोसंरचना का काम मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई बस सेवा से नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने के साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
अमृत मिशन के काम में तेजी के निर्देश
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में शत प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में लेकर जल्द पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन से जुड़े कार्यों को भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
आठ नगरीय निकायों में 800 करोड़ से सीबीजी प्लांट
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के आठ नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्लांटों का उद्देश्य स्वच्छ और सतत ईंधन उपलब्ध कराने के साथ शहरी अपशिष्ट का बेहतर उपयोग करना है।
शिकायतों का समय पर हो समाधान
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राजस्व और कर संकलन बढ़ाने पर भी जोर दिया। बेहतर कर संकलन करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शहरों से जुड़ी योजनाओं का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। सभी स्वीकृत विकास कार्य समय सीमा में पूरे हों और निर्माण की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाए।




