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CG: झोपड़ी में स्कूल-आंगनबाड़ी का संचालन, बच्चों की सुविधाओं पर उठे सवाल

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने निरीक्षण के बाद कलेक्टर को सौंपा आवेदन, जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों की मांग

झोपड़ी में स्कूल-आंगनबाड़ी का संचालन, बच्चों की सुविधाओं पर उठे सवाल

 

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने निरीक्षण के बाद कलेक्टर को सौंपा आवेदन, जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों की मांग

 

नारायणपुर। जिला पंचायत सदस्य एवं जिला शिक्षा समिति के सदस्य राकेश उसेंडी ने अपने क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं को लेकर उन्होंने कलेक्टर को लेटर पैड के माध्यम से आवेदन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र झोपड़ीनुमा भवनों में संचालित होते पाए गए। ऐसी स्थिति में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आंगनबाड़ी की मूलभूत सुविधाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो रही है। वहीं कुछ स्कूल और आंगनबाड़ी भवन जर्जर स्थिति में मिले, जिन्हें तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है।

 

जहां मरम्मत जरूरी, वहां तत्काल हो काम

 

राकेश उसेंडी ने कलेक्टर से मांग की है कि जिन स्कूलों और आंगनबाड़ी भवनों में मरम्मत की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग के माध्यम से जल्द से जल्द मरम्मत कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि भवनों की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

 

झोपड़ी में पढ़ने को मजबूर बच्चों के लिए नए भवन की मांग

 

जिन स्थानों पर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन उपलब्ध नहीं हैं और वर्तमान में झोपड़ी या अस्थायी व्यवस्था में संचालन हो रहा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नवीन भवनों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को झोपड़ी में पढ़ने और जरूरी सुविधाओं से वंचित रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

 

राकेश उसेंडी ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलना उनका अधिकार है। इसके लिए स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थायी, सुरक्षित और सुविधायुक्त भवन उपलब्ध कराना जरूरी है।

 

उन्होंने कलेक्टर से संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग की है।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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