CG News: अबूझमाड़ के मसपुर में शुरू हुआ ‘मायका सेंटर’, गर्भवती महिलाओं को मिलेगी सुरक्षित मातृत्व की सुविधा
वन मंत्री केदार कश्यप ने किया शुभारंभ, दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं को प्रसव पूर्व आवास, स्वास्थ्य जांच और पोषण सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी

दंडकारण्य दर्पण
नारायणपुर
विकासखंड ओरछा के ग्राम मसपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्थापित मायका सेंटर का शुक्रवार को प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, संसदीय कार्य एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने विधिवत शुभारंभ किया। यह केंद्र दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मायका सेंटर में गर्भवती महिलाओं को प्रसव संभावित तिथि से 15 दिन पहले सुरक्षित आवास की सुविधा दी जाएगी। यहां 24 घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की विशेष देखरेख, पौष्टिक भोजन, आवश्यक दवाइयां, स्वास्थ्य परामर्श तथा नवजात शिशु की देखभाल संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल या प्रसूति केंद्र तक रेफरल और निःशुल्क परिवहन की व्यवस्था भी रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मायका सेंटर मसपुर में वर्तमान में तीन गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर सुरक्षित प्रसव के लिए निगरानी में रखा गया है। इनमें दशरी हिचामी, जुर्री ध्रुवा और सोनी ध्रुवा शामिल हैं। इन सभी को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है।
इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य दूरस्थ क्षेत्रों की प्रत्येक गर्भवती महिला तक सुरक्षित मातृत्व की सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मायका सेंटर जैसी पहल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और आदिवासी अंचलों की महिलाओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस जनहितकारी पहल के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, संयुक्त कलेक्टर डॉ. सुमित गर्ग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी.आर. कुंवर, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




