
दंडकारण्य दर्पण
नारायणपुर, 9 जुलाई 2026। जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने सराहनीय पहल की है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित छह गांवों में ट्रैक्टर के माध्यम से तीन माह का राशन पहुंचाकर 151 पात्र परिवारों को खाद्यान्न वितरित किया गया।
खाद्य विभाग के अनुसार मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल गांवों के राशन कार्डधारी हितग्राहियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन एक साथ उपलब्ध कराया गया। इनमें मुरुमवाड़ा के 98, गुडेकोर के 13, दिवालूर के 32, धोबे के 3, बोटेर के 2 तथा हरबेल के 3 परिवार शामिल हैं।
बारिश के मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राशन सामग्री ट्रैक्टर के जरिए सीधे गांवों तक पहुंचाई गई। इन क्षेत्रों में कच्चे रास्ते, घने जंगल, नदी-नाले और लंबी दूरी के कारण परिवहन व्यवस्था अक्सर प्रभावित रहती है। ऐसे में ग्रामीणों को पहले राशन लेने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, लेकिन इस विशेष व्यवस्था से उन्हें गांव में ही खाद्यान्न उपलब्ध हो गया।
खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया संबंधित विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई। प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया गया, जिससे आगामी तीन माह तक खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव में ही राशन मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिला, क्योंकि अब उन्हें कठिन रास्तों से होकर लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।




