CG News: मानसून की पहली सौगात, नारायणपुर का देशी मशरूम बाजार में पहुंचा
पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे पहले और सबसे अधिक मात्रा में नारायणपुर के जंगलों में उगता है देशी मशरूम, स्वाद और गुणवत्ता के कारण प्रदेशभर में रहती है इसकी मांग।

मानसून की पहली सौगात, नारायणपुर का देशी मशरूम बाजार में पहुंचा
पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे पहले और सबसे अधिक मात्रा में नारायणपुर के जंगलों में उगता है देशी मशरूम, स्वाद और गुणवत्ता के कारण प्रदेशभर में रहती है इसकी मांग।
दंडकारण्य दर्पण
नारायणपुर। मानसून की पहली अच्छी बारिश के साथ ही नारायणपुर के जंगलों में मिलने वाला प्रसिद्ध देशी मशरूम बाजारों में पहुंचने लगा है। हर साल पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे पहले और सबसे अधिक मात्रा में देशी मशरूम नारायणपुर जिले के घने वनों और अबूझमाड़ क्षेत्र में मिलता है। यही वजह है कि इसे यहां की खास वन उपज माना जाता है।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार नारायणपुर के घने साल, साजा और मिश्रित वनों की जैव विविधता, उपजाऊ वन मिट्टी, पर्याप्त नमी और अनुकूल जलवायु देशी मशरूम के प्राकृतिक रूप से उगने के लिए आदर्श वातावरण तैयार करती है। पहली बारिश के कुछ ही दिनों बाद बड़ी मात्रा में मशरूम निकलने लगता है, जिसे ग्रामीण जंगलों से एकत्र कर बाजारों तक पहुंचाते हैं।
नारायणपुर का देशी मशरूम अपने बेहतरीन स्वाद, प्राकृतिक गुणवत्ता और पौष्टिक गुणों के कारण प्रदेशभर में पसंद किया जाता है। इसकी मांग इतनी अधिक रहती है कि आसपास के जिलों के व्यापारी भी इसे खरीदने नारायणपुर पहुंचते हैं। यह वनांचल के अनेक ग्रामीण और आदिवासी परिवारों के लिए मानसून के दौरान अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत भी बनता है।
स्थानीय बाजारों में देशी मशरूम की आवक शुरू होने के साथ खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में बारिश तेज होने के साथ इसकी उपलब्धता और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे नारायणपुर के बाजारों में एक बार फिर देशी मशरूम की रौनक देखने को मिलेगी।




