
दंडकारण्य दर्पण
5 जुलाई से थम सकता है राशन वितरण, छत्तीसगढ़ की 13 हजार राशन दुकानें अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी में
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। प्रदेश की लगभग 13 हजार उचित मूल्य राशन दुकानें 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। राशन दुकान संचालक अपनी लंबित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से कई दौर की चर्चा के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं। यदि हड़ताल शुरू होती है तो लाखों राशन कार्डधारकों को समय पर खाद्यान्न मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राशन दुकान संचालकों की प्रमुख 9 मांगें
1. प्रति क्विंटल कमीशन एवं मासिक मार्जिन में वृद्धि।
2. राशन दुकानों का संचालन करने वाले विक्रेताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा या समकक्ष सुविधा।
3. लंबित कमीशन और अन्य देय राशि का तत्काल भुगतान।
4. बारदाना, परिवहन एवं संचालन व्यय का अलग से भुगतान।
5. ऑनलाइन प्रणाली और बायोमेट्रिक व्यवस्था में तकनीकी समस्याओं का समाधान।
6. दुकान संचालन के लिए न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित किया जाए।
7. सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता।
8. विक्रेताओं के लिए सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और बीमा योजना लागू की जाए।
9. राशन वितरण से जुड़े अन्य प्रशासनिक एवं वित्तीय भार को कम किया जाए।
इन मांगों में कई मुद्दे लंबे समय से उठाए जाते रहे हैं, जिनमें कमीशन, बारदाना भुगतान और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख हैं।
हड़ताल से किसे होगी परेशानी
यदि हड़ताल शुरू होती है तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन लेने वाले लाखों हितग्राहियों को चावल, गेहूं, नमक, शक्कर सहित अन्य खाद्यान्न के वितरण में देरी हो सकती है। विशेष रूप से गरीब, अंत्योदय, प्राथमिकता राशन कार्डधारक तथा दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
अब सभी की नजर राज्य सरकार और राशन दुकान संचालक संघ के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी है। यदि 5 जुलाई से पहले मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।




