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CG News: कोटूम हर में गूंजा हरित संकल्प, विश्व पर्यावरण दिवस पर दुर्लभ पौधों के संरक्षण का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस पर कोटूम हर में हरित संकल्प, दुर्लभ पौधों के संरक्षण का दिया संदेश

दण्डकारण्य दर्पण

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर कोटूम हर में हरित संकल्प, दुर्लभ पौधों के संरक्षण का दिया संदेश

 

नारायणपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के गरिमामय अवसर पर कोटूम हर, नारायणपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने प्रकृति संरक्षण के महाअभियान में सहभागिता निभाते हुए हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ प्राकृतिक धरोहर तैयार करना भी रहा।

 

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष लघु वनोपज संघ रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, जनपद पंचायत ओरछा के उपाध्यक्ष मंगडू राम नुरेटी, जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी, समाजसेवी बिन्देश पात्र सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दुर्लभ एवं उपयोगी पौधों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जैव विविधता की रक्षा आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। वन और वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि मानव जीवन, जल स्रोतों, वन्यजीवों और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण स्थानीय बच्चों द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता रही। नन्हे कलाकारों ने अपने रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से जल संरक्षण, हरित धरती, स्वच्छ वातावरण और प्रकृति प्रेम का प्रेरणादायक संदेश दिया। बच्चों की रचनाओं ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया।

 

दुर्लभ पौधों का संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण ही जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान है। हर लगाया गया पौधा भविष्य की स्वच्छ हवा, सुरक्षित जल और स्वस्थ जीवन की नींव बनता है।

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर लिया गया यह संकल्प केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हरियाली से समृद्ध, स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित धरती के निर्माण की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। प्रकृति की सुरक्षा ही मानव जाति की सुरक्षा है और यही संदेश इस आयोजन ने पूरे समाज को दिया।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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