
#दंडकारण्य_दर्पण
नारायणपुर | 23 मार्च 2026
नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए थाना ओरछा क्षेत्र के ग्राम कुमनार में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है। यह वर्ष 2026 का आठवां और अंतिम कैंप है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को गति मिलेगी।
अबूझमाड़ में मजबूत हुई सुरक्षा व्यवस्था
कुमनार क्षेत्र लंबे समय तक माओवादियों की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। यह वही इलाका है जहां सुरक्षा बलों ने पूर्व में कुख्यात माओवादी बसवा राजू सहित कई उग्रवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी।
नए कैंप की स्थापना के साथ ही अब इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय नागरिकों में विश्वास का माहौल बना है।
सड़क और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
नारायणपुर पुलिस द्वारा ओरछा से कुमनार होते हुए भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सीधी सड़क कनेक्टिविटी विकसित की गई है।
इससे दशकों से अलग-थलग पड़े अबूझमाड़ के गांव मुख्यधारा से जुड़ेंगे और आवागमन आसान होगा।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
कुमनार में कैंप स्थापित होने से आसपास के गांवों—लेकवाड़ा, नेडअट्टे, डोडूम, ईदवाड़ा, आंगमेटा—में
- सड़क निर्माण
- पुल-पुलिया
- शिक्षा
- स्वास्थ्य सुविधाएं
- मोबाइल नेटवर्क
जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
‘माड़ बचाओ अभियान’ का असर
नक्सलमुक्त और सशक्त बस्तर के लक्ष्य को लेकर नारायणपुर पुलिस द्वारा लगातार “माड़ बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत क्षेत्र में नए कैंप स्थापित कर सुरक्षा के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांवों तक पहुंचाया जा रहा है।
सुरक्षा बलों की संयुक्त भूमिका
इस अभियान में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और आईटीबीपी की विभिन्न वाहिनियों (38वीं, 44वीं, 41वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
वर्ष 2025-26 में लगातार बढ़े कैंप
नारायणपुर पुलिस द्वारा वर्ष 2025 और 2026 में अबूझमाड़ क्षेत्र के कई दुर्गम इलाकों में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रशासन की पहुंच लगातार बढ़ रही है।
बदलाव की ओर बढ़ता अबूझमाड़
कुमनार में कैंप स्थापित होने के बाद अब क्षेत्र के लोग निर्भीक होकर तिरंगा फहराने और सामान्य जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यह पहल अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




