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छत्तीसगढ़

Chhattisgarh : जनजातीय गौरवशाली अतीत- ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया l

आज दिनांक 22.11.2025 को नवीन शासकीय महाविद्यालय छोटेडोंगर में “जनजातीय गौरवशाली अतीत- ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया l

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औपनिवेशिक काल के समय से लेकर वर्तमान तक ऐसे वीर महापुरुष योद्धा जनजाति समाज से भी थे जिनकी वीरगाथा जन-जन तक पहुंचाना हैं

भारतीय जनजातियां हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर और प्राचीन सभ्यता की मूल वॉक रही है उनके रीति-रिवाज जीवन- मूल्य ,कला, वीरता और प्राकृतिक समाजस्य से जुड़ी परंपराएं भारतीय संस्कृति को विशिष्ट बनाती हैं जनजातियों का इतिहास न केवल स्वालंबन, परिश्रम और साहस का प्रतीक है, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच संतुलित जीवन शैली का अनूठा उदाहरण भी प्रस्तुत करता है l अबूझमाड़ क्षेत्र के अंतर्गत संचालित यह महाविद्यालय प्राकृतिक जनजातीय परंपरा और संस्कृति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत करता हैl

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. योगेंद्र कुमार महाविद्यालय के प्राचार्य के निर्देशन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया उसके बाद राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” गीत से संपन्न किया l

अतिथियों के परिचय एवं स्वागत के पश्चात कार्यक्रम की प्रस्तावना सह- संरक्षक श्री अविनाश कुमार( सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी )द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं जनजातियों के इतिहास एवं जननायको की भूमिका पर प्रकाश डाला

विशिष्ट अतिथि- श्री फुलेश्वर कचलाम (शिक्षक एवम प्रकल्प प्रमुख वनवासी कल्याण आश्रम छोटेडोंगर) इन्होंने अपने उद्बोधन में जनजातियों का गौरवशाली इतिहास एवं वीरांगना तीर – कमान तिलका मांझी की योगदान पर विशेष व्याख्यान दिया l

विशिष्ट अतिथि- श्री श्याम पटेल (वनवासी कल्याण आश्रम छोटेडोंगर) इन्होंने अपने व्याख्यान में भगवान बिरसा मुंडा का जन्म जयंती एवं स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिए महानायक की गाथा, संस्कृति, भाषा, की रक्षा मातृ शक्ति विभिन्न जनजातियों का राष्ट्र के उत्थान में भूमिका पर प्रकाश डाला

श्री सिंगलू राम दुग्गा (सामाजिक कार्यकर्ता),श्री- बिंदेश पात्रा ने क्रांतिकारियों के बारे में जानने एवं उनके बलिदान संघर्ष तथा रामोतीन मंडिया पर व्याख्यान दिया

महाविद्यालय के छात्र- छात्रों के द्वारा रंगोली, पोस्टर, भाषण एवं जनजाति के संस्कृति एवम परंपरा आधारित “सेवा जोहार गीत” पर नृत्य की

प्रस्तुति दी

मुख्य वक्ता- श्री मंगऊराम गावड़े (सामाजिक कार्यकर्ता) ने जनजाति समाज का गौरवशाली अतीत इतिहास सुनने की खोज से लेकर आधुनिक भारत के बारे में जीत के माध्यम से भारत का गौरवशाली इतिहास को याद किया उच्च शिक्षा विभाग में अध्यनरत विद्यार्थियों को क्रांतिकारी संबंधी शोध करने एवं जननायकों को प्राथमिकता एकत्रित करने हेतु आग्रह किया

अंत में कार्यक्रम का आभार व्यक्त- श्री हरीश चंद्राकर अतिथि व्याख्याता समाजशास्त्र के द्वारा किया गया l कार्यक्रम के संयोजक श्री मुनिकांत मंडावी, रवि भारती, कविता धुर्वे, विजयलक्ष्मी ठाकुर, संतु राम कोर्राम, टोपेश्वर सेन उपस्थित रहेl

मंच संचालन सहसंयोजक श्री- जी.आर.श्याम अथिति व्याख्याता अर्थशास्त्र द्वारा किया गया l

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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