header ads
नारायणपुरबस्तर

Chhattisgarh: रावघाट लोह खदान के कारण मिलने वाली डिएमएफ़ फंड को लेकर कांकेर तथा नारायणपुर के बीच खींचातानी रावघाट लोह खदान का 60 प्रतिशत क्षेत्र नारायणपुर जिला में है , और भिलाई इस्टील प्लांट (बीएसपी) कांकेर को मदर जिला बता रही है

 

रावघाट लोह खदान के कारण मिलने वाली डिएमएफ़ फंड को लेकर कांकेर तथा नारायणपुर के बीच खींचातानी रावघाट लोह खदान का 60 प्रतिशत क्षेत्र नारायणपुर जिला में है , और भिलाई इस्टील प्लांट (बीएसपी) कांकेर को मदर जिला बता रही है जबकि रोड़ में धुल खा रहा है नारायणपुर की जनता और डिएमएफ़ फंड का बड़ी रकम ले रहा कांकेर

 

 

नारायणपुर जिले के 30 करोड़ रुपए के हक पर कांकेर का कब्जा नारायणपुर जिले के अंतर्गत रावघाट परियोजना अंतर्गत केवल जिला नारायणपुर के ग्राम अंजरेल में 32.29 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन कार्य चल रहा है, परंतु दुर्भाग्य पूर्ण बात यह है कि शासन के आदेश के बाद भी यहां के विकास में लगने वाली रॉयल्टी, डीएमएफ तथा अन्य समस्त कर की राशि का भुगतान बीएसपी द्वारा कांकेर जिले को दिया जा रहा है।

डीएमएफ फंड के 35 करोड़ में अब तक नारायणपुर को सिर्फ 5 करोड़ रुपये का ही किया गया अंतरण ।अंततः कांकेर जिला प्रशासन द्वारा नारायणपुर जिले को 8 अप्रैल 2025 को 5 करोड़ रूपये अंतरित किया गया, परंतु दुर्भाग्य का विषय है शासन के आदेश के बावजूद आज पर्यंत लगभग 30 करोड़ का भुगतान कांकेर ने रोक रखा है। जिसके चलते चर्चाओं का बाजार गर्म है ।

 

क्षेत्रफल की दृष्टि से देखें तो रावघाट का माइनिंग लीज एरिया 2228.797 हेक्टेयर है. जिसमें लौह अयस्क 511.043 मि. टन है, वहीं कांकेर जिले में महज 825.645 हेक्टेयर माइनिंग एरिया है, जिसमें 331.313 मि टन लौह अयस्क है नारायणपुर जिले में 1203.152 हेक्टेयर है।जिसमें 179.73 मि. टन सीट है मतलब माइनिंग एरिया का 60% हिस्सा नारायणपुर जिले में आता है, एवं केवल 40% हिस्सा कांकर जिले में फिर भी पक्षपात करते हुए बीएसपी रोयल्टी, डीएमएफ, तथा अन्य समस्त कर के राशि का भुगतान नारायणपुर को ना दे के कांकेर को दे रही है तथा नारायणपुर के साथ भेदभाव कर रही है।

 

35 करोड़ में अब तक सिर्फ 5 करोड़ ही मिले नारायणपुर को

शासन आदेश के परिपालन में मुख्य महाप्रबंधक खदान रावघाट द्वारा वर्ष 2020-21 से दिसंबर 2024 तक डीएमएफ की राशि 243137286.00 रु. जमा की गई है तथा जनवरी 2025 में 22456699.00 रु. राशि जमा की गई है। इस प्रकार वर्ष 2020-21 से जनवरी 2025 तक कुल उत्पादित मात्रा 1211705.75 टन है ।

 

 

नारायणपुर को लाल पानी और धुल देकर कांकेर जिले को सारी सुविधाएं और फंड क्यों

वर्ष 2021 से नारायणपुर में खनन प्रारंभ, डीएमएफ की फूटीकौड़ी नहीं जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ नारायणपुर के अधिकार की राशि को रोककर नारायणपुर जिले की जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के साथ ही साथ कांकेर जिल प्रशासन छत्तीसगढ़ शासन के आदेश की भी अवहेलना कर रहा है बतादें कि छत्तीसगढ़ शासन, खनिज साधन विभाग, मंडालय, महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर का पत्र क्रमांक 103-A/2781/2024/12 (1) 7 जनवरी 2025 में स्पष्ट उल्लेखित है जिस जिले से (मातृजिता) में खनिपट्टे का अनुबंध निष्पादन हुआ है वहां उक्त खनिपटूटे के विरूद देय समस्त रायल्टी, डीएमएफ, उपकर इत्यादि प्रथमतः उसी जिले में जमा होने के उपरांत डीएमएफ अंतर्गत अंशदान राशि का उत्पादन मात्रा, अनुपातिक अंतरण, खनिपट्टा में जिला विशेष (मातृ अथवा संबध्द) अंतर्गत किये गये वास्तविक उत्पादन मात्रा.अनुसार किया जाए।

 

तद्नुनुसार संलग्न प्रपत्र में जानकारी ऐसे खनिपट्‌टेधारियों द्वारा मासिक आधार पर मातृजिला के कालेक्टर की प्रस्तुत किया जावे एवं मातृजिला के कलेक्टर सह अध्यक्ष शासी परिषद जिला खनिज संस्थान न्यास द्वारा समुचित परीक्षण उपरांत संबध्द जिले के न्यास निधि में डीएमएफ राशि का प्रत्येक त्रैमास अंतरण किया जावे, शासन के आदेश की अवहेलना करते हुए कांकेर को पूर्ण राशि का भुगतान मिलने के बावजूद अब तक नारायणपुर जिले को यह राशि नहीं प्रदान की गई

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!