header ads
अधिकारअपराधअबूझमाड़छत्तीसगढ़नारायणपुरराष्ट्रीयशिक्षास्वास्थ्य

अबूझमाड़ के विकास की जमीनी हकीकत देखने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी, अधूरे अस्पताल भवन पर उठाए सवाल

पोचावाड़ा में निरीक्षण के दौरान सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी आई सामने, ग्रामीणों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की तैयारी

अबूझमाड़ के विकास की जमीनी हकीकत देखने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी, अधूरे अस्पताल भवन पर उठाए सवाल

 

पोचावाड़ा में निरीक्षण के दौरान सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी आई सामने, ग्रामीणों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की तैयारी

 

नारायणपुर/ओरछा। अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी ने जमीनी निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 11 के अंतर्गत नियत नेलनार क्षेत्र के दौरे के दौरान वे ग्राम पंचायत पोचावाड़ा पहुंचे। यहां सरपंच, सचिव और एसडीओ जितेंद्र साहू के साथ क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधूरे अस्पताल भवन सहित सड़क, पुल-पुलिया और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर सवाल उठाए गए।

अबूझमाड़ के पोचावाड़ा में अधूरे अस्पताल भवन और विकास कार्यों का निरीक्षण
अबूझमाड़ के पोचावाड़ा में अधूरे अस्पताल भवन सहित बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए।

पोचावाड़ा में अधूरा अस्पताल भवन, स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल

 

ग्राम पंचायत पोचावाड़ा में निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवन का निर्माण अधूरा पाया गया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले अबूझमाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अस्पताल भवन का अधूरा रहना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर चिंता पैदा करता है।

 

दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को सामान्य उपचार से लेकर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अस्पताल भवन का निर्माण कब तक पूरा होगा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ग्रामीणों को कब मिलेगा, यह महत्वपूर्ण सवाल है। संबंधित विभाग को निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

 

सड़क और पुल-पुलिया की कमी से आवागमन प्रभावित

 

निरीक्षण के दौरान नियत नेलनार क्षेत्र में सड़क और पुल-पुलिया की कमी से होने वाली परेशानियों का मुद्दा भी सामने आया। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क मार्गों का अभाव लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है। राशन और अन्य जरूरी सामान लाने-ले जाने से लेकर बाजार, अस्पताल और दूसरे गांवों तक पहुंचने में कठिनाइयां आती हैं।

 

बरसात के मौसम में नदी-नालों के कारण आवागमन और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में आपातकालीन जरूरतों के समय लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। क्षेत्र में सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराने की आवश्यकता है।

 

स्कूल और आंगनबाड़ियों तक पहुंच भी बड़ी चुनौती

 

अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों में शिक्षा सुविधाओं को सुचारु बनाए रखना भी जरूरी है। आवागमन की कठिनाइयों के कारण शिक्षकों के विद्यालय पहुंचने और बच्चों के नियमित रूप से स्कूल आने-जाने पर असर पड़ने की आशंका रहती है।

 

स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रमों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आवश्यक भवनों तथा बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उनके आसपास ही मिल सके, इसके लिए अधूरे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना और सुविधाओं की नियमित निगरानी करना जरूरी है।

 

कागजों से आगे जमीन पर दिखना चाहिए विकास

 

जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी ने क्षेत्र की समस्याओं को सामने लाते हुए कहा कि अबूझमाड़ और नियत नेलनार क्षेत्र के ग्रामीणों को भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गांवों तक पहुंचना और लोगों की परेशानियों को समझना आवश्यक है।

 

उनका कहना है कि विकास का आकलन केवल सरकारी दस्तावेजों और योजनाओं के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि गांवों में उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति भी देखी जानी चाहिए। जब तक योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंचेगा, तब तक विकास का उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं होगा।

 

अधिकारियों से जवाब मांगने की तैयारी, जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार को लिखेंगे पत्र

 

गुडू उसेंडी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और शासन-प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। यदि आवश्यक निर्माण कार्यों में देरी होती है और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है, तो जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी।

 

उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अबूझमाड़ और नियत नेलनार क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा। उनका जोर है कि दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवागमन की सुविधाएं मिलनी चाहिए।

 

ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता देने पर जोर

 

गुडू उसेंडी का यह निरीक्षण अभियान अबूझमाड़ में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। पोचावाड़ा के अधूरे अस्पताल भवन से लेकर सड़क, पुल-पुलिया और शिक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

 

अब देखने वाली बात होगी कि निरीक्षण के दौरान सामने आए मुद्दों पर संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कितनी तेजी से काम होता है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने से विकास कार्यों को गति मिलेगी और लंबे समय से महसूस की जा रही बुनियादी जरूरतों का समाधान हो सकेगा।

 

 

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!