
बच्चों की कल्पना में साकार हुआ विकसित भारत, ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित
नारायणपुर के सभी शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों ने चित्रों के माध्यम से रखे अपने सपने
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, तकनीक, पर्यावरण और आत्मनिर्भर भारत की दिखी तस्वीर
नारायणपुर, 18 सितंबर 2026। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ राष्ट्रव्यापी चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसी क्रम में 18 सितंबर को नारायणपुर जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा तथा कल्पनाशीलता को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ की संकल्पना पर आधारित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के सपनों और कल्पनाओं के माध्यम से भविष्य के भारत की तस्वीर को परिवार और समाज तक पहुंचाना है। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को विकसित भारत, देश की प्रगति तथा जनकल्याणकारी प्रयासों के संबंध में अपनी सोच को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिला।
चित्रों में दिखी विकसित भारत की तस्वीर
विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों ने विकसित भारत की संकल्पना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास जैसे विषयों को अपने चित्रों का आधार बनाया।
किसी विद्यार्थी ने आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को चित्रों में उकेरा तो किसी ने स्वच्छता, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसरों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। बच्चों की रचनाओं में आने वाले भारत के प्रति उनकी उम्मीदें और सोच साफ दिखाई दी।
विद्यालयों में लगाई गई चित्रों की प्रदर्शनी
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार चित्रों की विद्यालय स्तर पर प्रदर्शनी भी लगाई गई। विद्यालयों में उपलब्ध कक्ष और हॉल में चित्र प्रदर्शित किए गए, ताकि अभिभावक, परिवारजन और स्थानीय नागरिक बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को देख सकें और उनका उत्साहवर्धन कर सकें।
प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक के माध्यम से प्रतियोगिता और प्रदर्शनी की गतिविधियों का समन्वय किया गया। प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्र निर्माण की सोच को मिला मंच
‘मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को यह सोचने और व्यक्त करने का अवसर मिला कि वे आने वाले भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं। बच्चों की कल्पनाओं में आत्मनिर्भर, विकसित, स्वच्छ, शिक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त भारत की तस्वीर देखने को मिली।
इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जिला और राज्य स्तर पर चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
कलेक्टर ने सहभागिता के लिए किया आह्वान
कलेक्टर नम्रता जैन ने जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों से ‘मेरे सपनों का भारत’ अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सपनों और उनकी कल्पनाओं में भविष्य के भारत की तस्वीर दिखाई देती है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा सामने लाने के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को समझने का अवसर देते हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह चित्रकला प्रतियोगिता नारायणपुर जिले के विद्यालयों में बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण की सोच को मंच प्रदान कर रही है। विद्यार्थियों के चित्र आने वाले विकसित भारत के प्रति उनके सपनों और उम्मीदों को अभिव्यक्त कर रहे हैं।




