
दंडकारण्य दर्पण
बस्तर संभाग के कोंटा में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, एरियर्स तथा सेवा संबंधी कार्यों के लिए कथित तौर पर रिश्वत का खेल चल रहा है।
आम आदमी पार्टी के अनुसार, 2 सितंबर को एसीबी ने कोंटा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यार्दा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। पार्टी का दावा है कि करीब 16 लाख रुपये के एरियर्स भुगतान के बदले 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी और पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते समय एसीबी ने कार्रवाई की।
आप प्रदेश प्रवक्ता और बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेंद्र नाग ने कहा कि यह घटना केवल एक अधिकारी की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने जायज काम के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ें और इसके बाद भी रिश्वत देनी पड़े, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
नाग ने सरकार से बस्तर संभाग के सभी BEO और DEO कार्यालयों की पिछले तीन वर्षों की वित्तीय एवं सेवा संबंधी फाइलों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने एरियर्स, वेतन, पदोन्नति, स्थानांतरण और अन्य सेवा मामलों में रिश्वत से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की मांग की।
आप ने कहा कि सरकार को केवल एक अधिकारी की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखनी चाहिए। यदि भ्रष्टाचार को खत्म करना है तो पूरे शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। पार्टी ने बस्तर संभाग के शिक्षा विभाग का विशेष ऑडिट कराने और भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के साथ उन्हें संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।




