
दंडकारण्य दर्पण
संवाददाता – बोधन नाग
छोटेडोंगर/नारायणपुर। जिला मुख्यालय नारायणपुर के उपमुख्यालय छोटेडोंगर स्थित शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर खामियां सामने आई हैं। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र माने जाने वाले इस अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। बेड की कमी के कारण कई मरीजों का उपचार जमीन पर लिटाकर किया जा रहा है, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों, दुर्घटनाओं और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या पर्याप्त नहीं होने से भर्ती मरीजों को फर्श पर गद्दा या चादर बिछाकर इलाज कराना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण मजबूरी में जमीन पर उपचार करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों के लिए पर्याप्त आवास उपलब्ध नहीं हैं। अधिकांश कर्मचारियों को किराये के मकानों में रहना पड़ता है, जिससे आपातकालीन स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल में बेड बढ़ाने और सुविधाओं में सुधार की मांग कई बार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि उपमुख्यालय स्तर के अस्पताल की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है।
अस्पताल परिसर में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी साफ दिखाई दे रही है। परिसर में बनने वाला शौचालय पिछले लगभग दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी छोटेडोंगर ग्राम पंचायत के पास है, लेकिन लंबे समय से निर्माण पूरा नहीं होने के कारण मरीजों, उनके परिजनों और महिला कर्मचारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराने, कर्मचारियों के लिए आवास की व्यवस्था करने तथा अधूरे शौचालय निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा।




