
अबूझमाड़ के धोबे गांव में पहुंचा नल जल, बदली ग्रामीणों की जिंदगी
नारायणपुर। Narayanpur जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम धोबे में जल जीवन मिशन के तहत पहली बार शुद्ध पेयजल की सुविधा पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी पानी की गंभीर समस्या से जूझने वाला यह गांव अब घर-घर नल जल योजना से जुड़ चुका है।
जिला मुख्यालय से लगभग 94 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम धोबे लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा। घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे इस इलाके में विकास कार्य पहुंचाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं का विस्तार सीमित था। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए नदी, नालों और झरनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता था।
ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए जल जीवन मिशन अंतर्गत गांव में पेयजल योजना शुरू की गई। योजना के तहत 10 हजार लीटर क्षमता वाले दो सोलर आधारित जल टैंक स्थापित किए गए और लगभग 1375 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। इसके माध्यम से गांव के सभी 40 परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया गया।
योजना लागू होने के बाद गांव में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। घरों तक नियमित रूप से स्वच्छ पानी पहुंचने से लोगों को बड़ी राहत मिली है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कलेक्टर Namrata Jain ने कहा कि शासन की प्राथमिकता दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन अंतिम छोर तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहा है ताकि हर ग्रामीण परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
ग्रामीणों ने गांव में पहली बार शुद्ध पेयजल सुविधा मिलने पर राज्य सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि अब दैनिक जीवन काफी आसान हो गया है और गांव में पहली बार विकास का वास्तविक अनुभव महसूस हो रहा है।




