
छत्तीसगढ़ विधानसभा: सड़क निर्माण में देरी का मुद्दा उठा, मंत्री ने 20 दिन में निरीक्षण का दिया आश्वासन
Chhattisgarh Legislative Assembly में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया गया। यह सवाल विधायक Kiran Dev Singh ने सरकार से किया।
2023 में मिली थी सड़क की स्वीकृति
विधायक किरण देव सिंह ने कहा कि इस सड़क को 1 जनवरी 2023 को स्वीकृति मिली थी और 30 जनवरी 2023 को टेंडर जारी हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक इस काम के लिए नियुक्त ठेकेदार ने कितना काम किया और उसे कितनी राशि का भुगतान किया गया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से काम में देरी: मंत्री
इस पर जवाब देते हुए मंत्री Kedar Kashyap ने कहा कि इस परियोजना के तहत करीब 18 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना है, लेकिन क्षेत्र नक्सल प्रभावित होने के कारण विस्तृत सर्वे और अन्य कार्य समय पर नहीं हो सके।
उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर नाली निर्माण और अन्य कार्य भी इसी वजह से प्रभावित हुए। मंत्री के मुताबिक अब तक इस सड़क परियोजना पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और इसे इसी वर्ष के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
पहले किया गया काम बारिश में हुआ खराब
विधायक किरण देव सिंह ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया को बाद में विभाजित किया गया और शुरुआती चरण में मिट्टी भराई और पुलिया निर्माण का काम हुआ था, लेकिन आगे का काम नहीं होने के कारण बारिश में वह हिस्सा खराब हो गया।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐसा है जहां सड़क की सबसे ज्यादा जरूरत है, इसलिए काम की निगरानी के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित की जानी चाहिए।
20 दिन में निरीक्षण का आश्वासन
मंत्री केदार कश्यप ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण काम में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ फंड से करीब 5 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है।
मंत्री ने कहा कि आने वाले 20 दिनों के भीतर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।




