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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग पूरे देश के लिए रोल मॉडल, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान का बनेगी माध्यम : डॉ. मनसुख मांडविया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन से गांवों और जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

 

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हॉकी और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में आयोजित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का समापन राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हुआ। 1 नवंबर 2026 को आयोजित समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया शामिल हुए। इस दौरान विजेता एवं उपविजेता टीमों सहित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

छत्तीसगढ़ हॉकी टूर्नामेंट केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया ने कहा देश के लिए गौरव है
छत्तीसगढ़ हॉकी टूर्नामेंट में हजारों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और खेल का उत्सव मनाया

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को पूरे देश के लिए रोल मॉडल बताते हुए कहा कि हॉकी देश का गौरव है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह लीग प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

 

छह टीमों ने बनाया खेल उत्सव का माहौल

 

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में छह टीमों राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, बैलाडीला बुल्स और मैनपाट टाइटंस ने हिस्सा लिया। इन टीमों की भागीदारी से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

 

बस्तर से सरगुजा और रायगढ़ से राजनांदगांव तक के खिलाड़ियों को आपस में खेलने, अनुभव साझा करने और अपनी खेल क्षमता को निखारने का मौका मिला। प्रतियोगिता ने प्रदेश में हॉकी के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ खिलाड़ियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित किया।

 

हर टीम में ओलंपिक खिलाड़ी की मौजूदगी रही खास

 

इस लीग की प्रमुख विशेषताओं में प्रत्येक टीम में एक-एक ओलंपिक खिलाड़ी की सहभागिता रही। इससे युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करने और खेल की बारीकियां समझने का अवसर मिला।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

गांवों और जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं पर सरकार का फोकस

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। जरूरत उन्हें उचित अवसर, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की शुरुआत की गई है।

 

इस मिशन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का सपना अधूरा न रह जाए।

 

‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ बना प्रेरक संदेश

 

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का संदेश ‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ युवाओं को खेल के मैदान से जोड़ने की प्रेरणा देता नजर आया। प्रतियोगिता के मुकाबलों के प्रसारण की व्यवस्था जियोहॉटस्टार पर की गई, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिला।

 

हिंदी के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में कमेंट्री की व्यवस्था ने प्रतियोगिता को स्थानीय संस्कृति और जनभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया। हॉकी के रोमांच के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा की मिठास भी दर्शकों तक पहुंची।

 

हॉकी भारत की पहचान और गौरव : डॉ. मांडविया

 

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन पूरे देश के लिए रोल मॉडल है। उन्होंने कहा कि सरकार में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो खेलों के क्षेत्र में इस प्रकार के सफल आयोजन संभव हैं। ऐसे आयोजनों से अच्छे खिलाड़ियों का निर्माण होता है और खेलों के विकास को गति मिलती है।

 

उन्होंने हॉकी के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया। उनकी उपलब्धियां आज भी युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं।

 

डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों से देश में खेलों के प्रति नया वातावरण तैयार हुआ है। आज युवा खेलों को अपनी प्रतिभा दिखाने और बेहतर भविष्य बनाने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहे हैं।

 

राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान बनाने की उम्मीद

 

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग से ऐसी प्रतिभाएं सामने आएंगी, जो भारतीय हॉकी टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतेंगी।

 

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने भी उम्मीद जताई कि भविष्य में इस लीग का स्वरूप और अधिक व्यापक एवं प्रतिस्पर्धात्मक होगा। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की पहचान मजबूत होगी।

 

मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, सभी छह टीमों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों को बधाई दी।

 

कई जनप्रतिनिधि और खेल जगत की हस्तियां रहीं मौजूद

 

समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के एंबेसडर सरदार सिंह सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के आयोजन को प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने, युवाओं को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

 

 

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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