header ads
अबूझमाड़खेलछत्तीसगढ़नारायणपुरराष्ट्रीयशिक्षा

ऐतिहासिक जीत: नारायणपुर की अंडर-19 टीम फाइनल में, बस्तर संभाग में रचा नया क्रिकेट इतिहास

कवर्धा को सेमीफाइनल में हराकर नारायणपुर ने फाइनल में बनाई जगह, एलीट ग्रुप में प्रवेश सुनिश्चित; खिलाड़ियों के साथ कोच करनदीप सग्गू और सहायक कोच गौरीशंकर पटेल की मेहनत रंग लाई

ऐतिहासिक जीत: नारायणपुर की अंडर-19 टीम फाइनल में, बस्तर संभाग में रचा नया क्रिकेट इतिहास

 

कवर्धा को सेमीफाइनल में हराकर नारायणपुर ने फाइनल में बनाई जगह, एलीट ग्रुप में प्रवेश सुनिश्चित; खिलाड़ियों के साथ कोच करनदीप सग्गू और सहायक कोच गौरीशंकर पटेल की मेहनत रंग लाई

 

नारायणपुर/धमतरी, 25 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के क्रिकेट इतिहास में नारायणपुर जिले ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में नारायणपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कवर्धा को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही टीम ने एलीट ग्रुप में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। बस्तर संभाग के क्रिकेट इतिहास में वनडे टूर्नामेंट के एलीट ग्रुप तक पहुंचने वाली नारायणपुर पहली टीम बन गई है।

नारायणपुर अंडर-19 क्रिकेट टीम के अभ्यास और प्रशिक्षण का दृश्य
नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई।

धमतरी के मैदान पर 25 अक्टूबर को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में नारायणपुर ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों विभागों में संघर्ष और टीम भावना का परिचय दिया। इस उपलब्धि ने जिले के क्रिकेट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है।

 

गेंदबाजों ने कवर्धा को 90 रन पर समेटा

 

सेमीफाइनल मुकाबले में टॉस हारकर पहले गेंदबाजी करने उतरी नारायणपुर की टीम ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। अनुशासित गेंदबाजी और महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट हासिल करने की रणनीति के सामने कवर्धा की टीम ज्यादा देर टिक नहीं सकी।

 

नारायणपुर की ओर से तन्मय वर्धा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। हर्ष सरकार और यस यदु ने दो-दो विकेट लेकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी, जबकि नमन सिंह ठाकुर ने एक विकेट हासिल किया। नारायणपुर के गेंदबाजों के सामूहिक प्रयास से कवर्धा की पूरी टीम 28.2 ओवर में महज 90 रन पर सिमट गई।

 

इस प्रदर्शन ने नारायणपुर के सामने जीत के लिए 91 रनों का लक्ष्य रखा और टीम के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को मजबूत कर दिया।

 

लड़खड़ाती शुरुआत के बाद आदित्य और चैतन्य ने दिलाई जीत

 

91 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नारायणपुर की टीम को आसान जीत हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। लक्ष्य छोटा होने के बावजूद बल्लेबाजी के दौरान टीम को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मुश्किल परिस्थितियों में आदित्य श्रीवास्तव और चैतन्य ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

नारायणपुर के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा। टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी अपनी-अपनी भूमिका निभाते हुए जीत में योगदान दिया। आखिरकार नारायणपुर ने लक्ष्य हासिल कर फाइनल में जगह बना ली।

 

यह जीत केवल एक मैच की सफलता नहीं, बल्कि जिले में क्रिकेट के प्रति बढ़ते समर्पण, खिलाड़ियों की मेहनत और मजबूत होती खेल व्यवस्था का परिणाम है।

 

एलीट ग्रुप में खेलने का मिलेगा बड़ा अवसर

 

इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि टूर्नामेंट के निर्धारित प्रारूप के अनुसार फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों को एलीट ग्रुप में जगह मिलेगी। अब नारायणपुर के खिलाड़ियों को रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और दुर्ग जैसी मजबूत टीमों के साथ मुकाबला करने का अवसर मिलेगा।

 

एलीट ग्रुप के मुकाबले खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मंच होंगे। इन मैचों में प्रदर्शन के आधार पर छत्तीसगढ़ की अंडर-19 टीम के चयन की राह भी खुलेगी। ऐसे में नारायणपुर के खिलाड़ियों के सामने अब जिले का नाम रोशन करने के साथ-साथ राज्य स्तरीय टीम में स्थान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

 

सात-आठ वर्षों की मेहनत का दिखा परिणाम

 

नारायणपुर जैसे छोटे जिले के लिए एलीट ग्रुप तक पहुंचना कभी बड़ी चुनौती माना जाता था। लेकिन पिछले सात-आठ वर्षों में जिले के क्रिकेट स्तर में लगातार आए बदलाव का असर अब मैदान पर दिखाई देने लगा है। खिलाड़ियों की मेहनत, नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

 

यह उपलब्धि बताती है कि उचित प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और अवसर मिलने पर छोटे जिले के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित कर सकते हैं। नारायणपुर की सफलता बस्तर संभाग के युवा क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

 

कोच करनदीप सग्गू और गौरीशंकर पटेल की अहम भूमिका

 

नारायणपुर की इस ऐतिहासिक सफलता में मुख्य कोच करनदीप सग्गू और सहायक कोच गौरीशंकर पटेल का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। दोनों प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को पिछले कई महीनों से लगातार अभ्यास कराया और अलग-अलग तरीकों से उनकी तकनीक, खेल कौशल तथा मैच के दौरान परिस्थितियों से निपटने की तैयारी पर काम किया।

 

कोच करनदीप सग्गू और सहायक कोच गौरीशंकर पटेल ने इस उपलब्धि का श्रेय सभी खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयास को दिया। उनका विश्वास है कि टीम एलीट ग्रुप में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी क्षमता साबित करेगी।

 

नारायणपुर जिला अब छत्तीसगढ़ को प्रतिभाशाली क्रिकेट खिलाड़ी देने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इस सफलता ने जिले के खेल जगत में नई ऊर्जा का संचार किया है।

 

अब अंडर-16, अंडर-14 और सीनियर टीमों से भी उम्मीदें

 

अंडर-19 टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जिले की अन्य क्रिकेट टीमों के सामने भी नई चुनौती है। अब अंडर-16, अंडर-14 और सीनियर टीमों के लिए प्लेट ग्रुप टूर्नामेंट जीतकर एलीट ग्रुप तक पहुंचने का लक्ष्य महत्वपूर्ण होगा।

 

नारायणपुर के खिलाड़ी और प्रशिक्षक जिले में क्रिकेट की मजबूत नींव तैयार करने तथा नई प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए संकल्पित हैं। अंडर-19 टीम की सफलता से युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और जिले में क्रिकेट के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

 

जिला क्रिकेट संघ के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नारायणपुर की टीम, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को इस शानदार सफलता पर बधाई दी तथा आगामी फाइनल और एलीट ग्रुप के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

 

नारायणपुर की यह जीत जिले के खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी। अब सबकी निगाहें फाइनल मुकाबले और एलीट ग्रुप में टीम के आगामी प्रदर्शन पर टिकी हैं।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!