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वनांचल के बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा की सौगात, परसा में बनेंगे दो नए स्कूल भवन

डीएमएफ से 33.90 लाख रुपये स्वीकृत, प्राथमिक शाला के लिए 14.30 लाख और माध्यमिक शाला के लिए 19.60 लाख रुपये मंजूर

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कदम

 

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और प्रगति की निगरानी के लिए प्रशासन ने तय किए निर्देश

 

रायपुर, 24 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरागी के आश्रित ग्राम परसा में प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। दोनों स्कूल भवनों के निर्माण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से कुल 33 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

परसा गांव में स्कूली शिक्षा और विद्यालय भवन सुविधाओं से संबंधित दृश्य
नए भवनों से विद्यार्थियों को सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से स्वीकृत इस कार्य से परसा के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। नए भवनों के निर्माण से बच्चों को पढ़ाई के लिए सुविधायुक्त स्थान मिलने की उम्मीद है।

 

प्राथमिक और माध्यमिक शाला के लिए अलग-अलग राशि स्वीकृत

 

प्रशासन से जारी जानकारी के अनुसार, परसा में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये तथा नवीन माध्यमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 19 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों निर्माण कार्यों को उच्च प्राथमिकता में शामिल किया गया है।

 

इन कार्यों को लेकर प्रशासकीय स्वीकृति डीएमएफ शासी परिषद की 11 मई 2026 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप जारी की गई है। निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी गई है।

 

वनांचल में शिक्षा सुविधाओं को मजबूती देने का प्रयास

 

दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। स्कूल भवनों का निर्माण इसी जरूरत से जुड़ा कदम है। बेहतर शैक्षणिक परिवेश बच्चों की पढ़ाई को सुविधाजनक बनाने के साथ शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने में भी सहायक हो सकता है।

 

डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। परसा में प्राथमिक और माध्यमिक शाला भवनों का निर्माण भी इसी उद्देश्य के अनुरूप किया जाएगा।

 

गुणवत्ता और समय-सीमा पर प्रशासन की नजर

 

निर्माण कार्यों को लेकर जिला प्रशासन ने गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कार्य शुरू होने से पहले, निर्माण के दौरान और कार्य पूरा होने के बाद स्थल के फोटो लेना अनिवार्य किया गया है। इससे निर्माण की प्रगति का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।

 

इसके अलावा, निर्माण स्थल पर सूचना फलक लगाना होगा। इसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि तथा निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तिथि दर्ज करना जरूरी होगा, ताकि कार्य से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहे।

 

हर महीने देनी होगी प्रगति रिपोर्ट

 

निर्माण एजेंसी को प्रत्येक महीने की 5 तारीख तक कार्य की प्रगति रिपोर्ट डीएमएफ को भेजनी होगी। साथ ही, निर्माण कार्य स्वीकृत राशि के भीतर ही पूरा करना होगा। इन निर्देशों का उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करना है।

 

अब परसा में स्वीकृत दोनों स्कूल भवनों का निर्माण शुरू होने और समय पर पूरा होने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इससे क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।

 

दंडकारण्य दर्पण – सच के साथ, समाज के साथ।

 

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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