CG: अबूझमाड़ में देशी हथियार बनाने वाले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार भरमार बंदूकें और अधबने हथियारों के पुर्जे बरामद
कोहकामेटा क्षेत्र के कीहकाड़ गांव में पुलिस की कार्रवाई, आरोपी जयलाल पोयम गिरफ्तार, हथियारों की सप्लाई और संभावित नक्सली कनेक्शन की जांच तेज

नारायणपुर। अबूझमाड़ के कोहकामेटा क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस ने देशी हथियार बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार भरमार बंदूकें और एक अधबनी बंदूक के पुर्जे बरामद किए हैं। कार्रवाई के बाद पुलिस अब हथियार निर्माण और उनकी खरीद फरोख्त से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जयलाल पोयम के रूप में हुई है। वह अबूझमाड़ के कीहकाड़ गांव में कथित तौर पर देशी हथियार तैयार करता था। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी अपने भाई के साथ मिलकर भरमार बंदूकें बनाने का काम करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार किए गए हथियार किन लोगों को बेचे जाते थे और उनके उपयोग का उद्देश्य क्या था।
चार भरमार बंदूकें और हथियारों के पुर्जे बरामद
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से चार तैयार भरमार बंदूकें बरामद की गई हैं। इसके अलावा एक अधबनी बंदूक के पुर्जे भी पुलिस ने जब्त किए हैं। बरामद हथियारों को लेकर पुलिस आगे की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी के पास हथियार बनाने के लिए सामग्री कहां से आती थी और तैयार हथियारों को किन माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।
एडिशनल एसपी आश्रय चंद्राकर ने की सीधी पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद नारायणपुर के एडिशनल एसपी आश्रय चंद्राकर ने आरोपी से सीधे पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने हथियार बनाने और उन्हें बेचने से संबंधित कई जानकारियां दी हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूछताछ में पहले करीब पांच भरमार बंदूकें बेचने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के मुताबिक इन देशी हथियारों की कीमत आठ हजार रुपये से शुरू होकर करीब 20 हजार रुपये तक बताई गई है। हालांकि हथियारों की बिक्री, खरीदारों और पूरे नेटवर्क से जुड़ी जानकारी की पुलिस स्तर पर अभी जांच की जा रही है।
नक्सली कनेक्शन की भी जांच
अब पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरोपी द्वारा तैयार किए गए हथियारों की सप्लाई कहीं नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों तक तो नहीं की जाती थी। पुलिस संभावित नक्सली कनेक्शन की भी जांच कर रही है। साथ ही पूर्व में बेचे गए हथियारों के खरीदारों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस ने बरामद हथियारों को जांच में शामिल कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल जारी है।




