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छत्तीसगढ़नारायणपुर

Chhattisgarh : नक्सलियों के गढ़ लंका में खुला नया पुलिस कैंप—अब 30 से ज्यादा गाँवों तक पहुँचेगी सड़क, नेटवर्क और सरकारी योजनाएँ

 

 

नारायणपुर पुलिस ने ओरछा-आदेर के रास्ते बेदरे (जिला बीजापुर) के बार्डर “लंका” तक बनाई सड़क कनेक्टिविटी; शीघ्र ही मोबाईल टावर और सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होंगे 30 से अधिक गाँव के हजारों लोग 

माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम लंका में खुला  नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप।

बेदरे (जिला बीजापुर) की सीमा और इंद्रावती नदी के किनारे स्थित है लंका।

नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी 44वीं बटालियन ने खोला लंका में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प।

 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

 

इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम लंका क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा-आदेर-लंका एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से आज दिनांक 28-11-2025 को नारायणपुर पुलिस ने घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम लंका में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम लंका में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नवीन कैम्प लंका थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है तथा जिला मुख्यालय नारायणपुर से 120 किलोमीटर थाना ओरछा से 47किलोमीटर, आदेर से 36किलोमीटर, कुड़मेल से 21किलोमीटर, जाटलूर से 20किलोमीटेर, डोडीमरका से 12किलोमीटर और पदमेटा से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

लंका में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र अंगमेटा कुमरमेटा, कवंडे, पुसलंका, बुरी, जपमरका और लंका में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।

 

नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा और लंका में कैम्प खोली है।

 

श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर,

श्री अमित कांबले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर,

श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर,

आईटीबीपी 44वी वाहिनी कमांडेंट श्री मुकेश कुमार दसमाना,

आईटीबीपी 44वी वाहिनी टू-आईसी श्री पीपी सिद्दकी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय सबद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार,

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक, उप पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश कंवर,

उप पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप बंजारे और

उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार सिंह

के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 27वी वाहिनी, 38वी वाहिनी, 40वी वाहिनी और 44वी वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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