Chhattisgarh : CBI की बड़ी कार्रवाई: जायसवाल ब्रदर्स पर 3.44 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, SECL घोटाले में FIR”

संवाददाता- दीपक गोटा
सीबीआई ने षड्यंत्रकारी जायसवाल ब्रदर्स के खिलाफ FIR दर्ज किया- करोड़ का मुआवजा घोटाला और धोखाधड़ी का मामला
छत्तीसगढ़ : के कोरबा जिले में एसईसीएल (SECL) के भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में कथित घोटाला और धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई (CBI) ने खुशाल जायसवाल (जिन्हें श्यामू जायसवाल भी कहा जाता है) और राजेश जायसवाल के खिलाफ आधिकारिक तौर पर अपराध दर्ज कर लिया है। इस मामले में एसईसीएल और राजस्व विभाग के कुछ अज्ञात अधिकारी भी आरोपी बनाए गए हैं और अज्ञात अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है
इन व्यक्तियों पर एसईसीएल और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके सुनियोजित आर्थिक आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है। यह घोटाला मुख्य रूप से एसईसीएल की परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को दिए जाने वाले भूमि मुआवजे के वितरण में हेराफेरी से संबंधित हैं
सीबीआई टीम के मुताबिक जांच में यह सामने आया है कि खुशाल जायसवाल ने कथित तौर पर 1.60 करोड़ रूपये से अधिक और राजेश जायसवाल ने 1.83 करोड़ रूपये से अधिक का मुआवजा धोखाधड़ी से प्राप्त किया है। कुल घोटाले की राशि 3.44 करोड़ रूपये से अधिक होने का अनुमान है
और कई निजी लोगों के द्वारा SECL के अधिकारियों (पात्र संपत्ति के मालिक/उचित दावेदार का निर्धारण करने के लिए ज़िम्मेदार विभिन्न समितियों के अधिकारी) के साथ आपराधिक साज़िश कर सरकारी खजाने से 9 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की शिकायतों के विवेकपूर्ण वेरिफिकेशन से ACB और CBI को पता चला है
सीबीआई की टीम ने पिछले दिनों कोरबा के मलगांव और रलिया गांवों में जाकर भी जांच-पड़ताल की थी
फिलहाल मामले में जांच जारी है- जिसमें और भी कई लोगों के नाम सामने आने की संभावना है
यह बात भी सामने आई है कि घोटाले में शामिल लोगों ने मलगांव, अमगांव (अमगांव में अलग-अलग फेज) जैसे गांवों में मौजूद सरकारी जमीन या दूसरों की जमीन पर बने घरों के लिए 7 से अधिक बार अपने या अपने परिवार के करीबी सदस्यों के नाम पर एक करोड़ 83 लाख से ज़्यादा का मुआवजा क्लेम किया है और पाया है
इसके अलावा SECL द्वारा किसी भी तरह के मुआवज़े के लिए किसी भी दावे की पात्रता के लिए पहली ज़रूरत यह थी कि घर कुएं पेड़ वगैरह जैसी बताई गई संपत्तियां CBA (A&D) एक्ट (1957)के सेक्शन 9-LA एक्ट( 1894)के सेक्शन 11 के तहत या दोनों के नोटिफिकेशन के पब्लिकेशन से पहले बनी होनी चाहिए जिस तारीख को ज़मीन राज्य- केंद्र सरकार के पास आई थी जो 2004- 2009 और 2010 का है
राजेश जायसवाल -खुशाल जायसवाल-एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के अज्ञात लोक सेवकों और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860 की धारा 120बी (साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(ए) सहपठित 13(2) (लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार) के तहत दर्ज किया गया है
नियमित मामला (Regular Case/FIR) दर्ज किया गया है जांच एजेंसी ने इन आरोपों के आधार पर औपचारिक जांच शुरू कर दी है




