चक्रधर समारोह के मंच पर गूंजा चंदा चकोर, अबूझमाड़ के पुनर्वासित युवाओं ने कला से दिखाई बदलाव की नई तस्वीर
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कलाकारों का किया सम्मान, पुनर्वासित युवाओं से संवाद कर बढ़ाया उत्साह
नारायणपुर, 26 सितंबर 2026
रायगढ़ में आयोजित 41वें चक्रधर समारोह के भव्य समापन समारोह में 23 सितंबर को जिला प्रशासन नारायणपुर की विशेष अभिनय प्रस्तुति चंदा चकोर ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। अबूझमाड़ से नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे युवाओं के जीवन में आए बदलाव को कला और अभिनय के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया।

चंदा चकोर की प्रस्तुति में कुल 29 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 11 आत्मसमर्पित एवं पुनर्वासित युवा, स्थानीय कलाकार और संगीतकार शामिल रहे। कलाकारों ने अबूझमाड़ के स्थानीय जनजीवन, परंपराओं और सामाजिक परिवेश को अभिनय के माध्यम से जीवंत किया। प्रस्तुति में दैनिक जीवन, जात्रा, मेला, विकास और विवाह जैसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही देश हमारा गीत ने कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया।
अवसर और विश्वास से बदल रही पुनर्वासित युवाओं की जिंदगी
चंदा चकोर महज एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि अबूझमाड़ में बदलाव की उस यात्रा की अभिव्यक्ति बनकर सामने आई, जिसमें संघर्ष और हिंसा का रास्ता छोड़कर पुनर्वासित युवा अपनी प्रतिभा और हुनर के माध्यम से नई पहचान बना रहे हैं।
जिला प्रशासन नारायणपुर द्वारा शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने वाले युवाओं को पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान विशेष अभिनय एवं रंगमंच प्रशिक्षण दिया गया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के माध्यम से एक माह का प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं की प्रतिभा को पहचानने, निखारने और उसे सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया गया।
रायगढ़ के मंच पर दिखी प्रशिक्षण और बदलाव की तस्वीर
प्रशिक्षण का परिणाम रायगढ़ के चक्रधर समारोह के मंच पर देखने को मिला। पुनर्वासित युवाओं ने अभिनय, संवाद अदायगी और भावनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुति के जरिए यह संदेश सामने आया कि अवसर, विश्वास और सही दिशा मिलने पर जीवन को नई राह दी जा सकती है।
अबूझमाड़ के पुनर्वासित युवाओं का कलाकार के रूप में बड़े सांस्कृतिक मंच पर सामने आना नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र में सामाजिक बदलाव और मुख्यधारा से जुड़ाव की एक तस्वीर प्रस्तुत करता है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह
चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चंदा चकोर की प्रस्तुति का अवलोकन किया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने पुनर्वासित युवाओं से संवाद कर उनकी बातें सुनीं और उनके अनुभवों को जाना।
वित्त मंत्री ने 11 पुनर्वासित युवाओं के लिए 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा चंदा चकोर की 29 सदस्यीय पूरी टीम, जिसमें कलाकारों के साथ संगीतकार भी शामिल रहे, को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर पूरी टीम को शील्ड, शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
अबूझमाड़ की कला ने राजधानी तक बनाई पहचान
चंदा चकोर के माध्यम से नारायणपुर के अबूझमाड़ की कहानी कला के मंच से समाज तक पहुंची। पुनर्वासित युवाओं ने अपने अतीत से आगे बढ़कर हुनर, संस्कृति और सृजन के माध्यम से नई पहचान बनाने का संदेश दिया।
अबूझमाड़ के कलाकारों की इस प्रस्तुति की प्रदेशभर में सराहना हुई। बड़े सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कलाकारों और पुनर्वासित युवाओं के बेहतरीन प्रदर्शन ने यह दिखाया कि अबूझमाड़ केवल संघर्ष की पहचान नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, प्रतिभा और बदलाव की भी भूमि है।




