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CG: केसेकोड़ी पंचायत की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बेटियों के लिए बना बालिका शौचालय, सरपंच फूलबती उसेंडी की पहल की हो रही चर्चा

केसेकोड़ी पंचायत की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

 

दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बेटियों के लिए बना बालिका शौचालय, सरपंच फूलबती उसेंडी की पहल की हो रही चर्चा

 

कांकेर। जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत केसेकोड़ी ने ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐसी पहल की है, जिसने बालिकाओं की सुविधा और स्वच्छता को केंद्र में रखा है। पंचायत की ओर से वीबी जी राम जी योजना के तहत बालिकाओं के लिए शौचालय का निर्माण कराया गया है। दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बालिकाओं की जरूरत को प्राथमिकता देते हुए तैयार कराई गई इस सुविधा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पंचायत की पहल को व्यापक सराहना मिल रही है।

बेटियों की सुविधा को बनाया विकास की प्राथमिकता

 

केसेकोड़ी पंचायत में बनाए गए बालिका शौचालय पर मेरी बेटी मेरा अभियान का संदेश भी अंकित किया गया है। पंचायत का उद्देश्य विद्यालय आने वाली बालिकाओं को स्वच्छता के साथ जरूरी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की सुविधाएं बालिकाओं के लिए विशेष महत्व रखती हैं, क्योंकि स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की उपलब्धता उनके नियमित विद्यालय आने में भी सहायक होती है।

 

सरपंच फूलबती उसेंडी की पहल की चर्चा

 

बालिका शौचालय के निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत की सरपंच फूलबती उसेंडी की पहल की विशेष रूप से चर्चा हो रही है। ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों का फोकस अक्सर सड़क, नाली, भवन और अन्य बुनियादी निर्माण कार्यों तक सीमित दिखाई देता है। ऐसे में केसेकोड़ी पंचायत ने बालिकाओं की जरूरत को प्राथमिकता देकर अलग पहल सामने रखी है।

 

सोशल मीडिया पर पहुंची पंचायत की पहल

 

केसेकोड़ी पंचायत में तैयार किए गए बालिका शौचालय की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद इस पहल को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से बाहर भी पहचान मिली है। खास तौर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बालिकाओं के लिए स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने की पहल को पंचायत स्तर पर महिला और बालिका केंद्रित विकास के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

 

ग्रामीण विकास का मतलब जरूरतों को समझना भी

 

केसेकोड़ी पंचायत की यह पहल इस बात को सामने लाती है कि ग्रामीण विकास केवल सड़क, भवन और अन्य निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। गांव की वास्तविक जरूरतों को पहचानना और उन जरूरतों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बालिकाओं के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा तैयार कर पंचायत ने स्थानीय स्तर पर जरूरत आधारित विकास की दिशा में अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की है।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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