
संवाददाता: बोधन नाग
छोटेडोंगर। ग्राम पंचायत छोटेडोंगर के थाना परिसर में ट्रकों की आवाजाही, पार्किंग व्यवस्था, शौचालय, किसानों की फसल को हो रहे नुकसान और स्कूलों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, निको माइंस प्रबंधन, ट्रांसपोर्टरों और ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी, जनपद सदस्य सोनसिंह कोर्राम, सरपंच पिंटू मंडावी, लखेश्वर गावड़े, मीना मांझी, दानसाय सलाम, उपसरपंच संतोष बैठारू, मासो कर्मा, पंचगण तथा मां दंतेश्वरी समिति छोटेडोंगर के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से एसडीओपी मनोज मंडावी और थाना प्रभारी हरि शंकर धुरु तथा निको माइंस की ओर से प्रबंधक एचएन झा, गोस्वामी सहित ट्रांसपोर्टर और बड़ी संख्या में ग्रामीण बैठक में शामिल हुए।
स्कूल के आसपास ट्रकों की पार्किंग पर रोक
बैठक में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा हुई। तय किया गया कि स्कूल से 100 मीटर के दायरे में ट्रक खड़े नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों के स्कूल आने और छुट्टी के समय ट्रकों की आवाजाही को नियंत्रित करने पर भी सहमति बनी।
सुबह 9 बजे से 11 बजे और शाम 4 बजे से 5 बजे तक स्कूल समय में ट्रकों की आवाजाही बंद रखने पर सहमति बनी है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
गुरुवार बाजार में सुबह 9 से शाम 6 बजे तक बंद रहेगा ट्रकों का आवागमन
छोटेडोंगर के साप्ताहिक गुरुवार बाजार में ग्रामीणों और व्यापारियों की सुविधा को देखते हुए ट्रकों की आवाजाही रोकने की मांग रखी गई। बैठक में निको माइंस की ओर से गुरुवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ट्रकों का आवागमन बंद रखने पर सहमति दी गई।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि बाजार के दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।
गांव के भीतर पार्किंग और शौचालय की व्यवस्था का ग्रामीणों ने किया विरोध
प्लाटपारा क्षेत्र के ग्रामीणों ने गांव के भीतर ट्रकों की पार्किंग और शौचालय बनाए जाने पर स्पष्ट असहमति जताई। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की पार्किंग गांव के अंदर होने से आवागमन, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ट्रकों के लिए व्यवस्थित पार्किंग स्थल गांव से अलग और निर्धारित स्थान पर बनाया जाना चाहिए।
पार्किंग, पानी और शौचालय की व्यवस्था कंपनी की जिम्मेदारी
बैठक में स्पष्ट किया गया कि निको माइंस और उससे जुड़े ट्रकों के लिए व्यवस्थित पार्किंग के साथ ड्राइवरों के लिए शौचालय और पेयजल की व्यवस्था कंपनी को करनी होगी। ग्रामीणों ने कहा कि ट्रकों को गांव के भीतर खड़ा कर ग्रामीणों को असुविधा में डालने की व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी।
300 सीटर इंग्लिश मीडियम स्कूल के निर्माण पर सहमति
बैठक में क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। निको माइंस की ओर से गोद ग्राम पंचायतों के लिए 300 सीटर इंग्लिश मीडियम स्कूल भवन का निर्माण सीएसआर मद से कराने की बात कही गई।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्कूल भवन का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बेहतर शिक्षा के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कूल का निर्माण महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
आयरनयुक्त पानी से फसल नुकसान का मुद्दा उठा
बैठक में किसानों ने निको माइंस से संबंधित आयरनयुक्त पानी खेतों में पहुंचने से खेती और फसल को हुए नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। किसानों ने बताया कि पानी के कारण इस वर्ष कई किसान खेती नहीं कर पाए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
किसानों ने मांग की कि नुकसान का वास्तविक आकलन कराया जाए और खेती में किए गए खर्च तथा फसल के वास्तविक नुकसान को ध्यान में रखते हुए उचित मुआवजा दिया जाए।
जनप्रतिनिधियों ने भी कहा कि उद्योग और खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को नुकसान नहीं होना चाहिए। यदि किसी गतिविधि से किसानों की फसल प्रभावित होती है तो नुकसान का उचित आकलन कर समाधान किया जाना चाहिए।
जनता की सुरक्षा और किसानों के हित से समझौता नहीं
जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि क्षेत्र में उद्योग और विकास कार्य जनता की सुविधा, सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखकर होने चाहिए। किसानों की जमीन, फसल, स्कूल, सड़क और ग्रामीणों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मां दंतेश्वरी समिति छोटेडोंगर और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की समस्याओं को मजबूती से बैठक में रखा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से बैठक में बनी सहमतियों और तय व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में ट्रकों की अनियंत्रित पार्किंग, गंदगी, स्कूलों के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही और किसानों को होने वाले नुकसान को अब नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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