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CG: उत्कृष्ट शिक्षा और रोजगार के अवसरों से संवर रहा छत्तीसगढ़ के बच्चों का भविष्य

स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने टॉपर बेटियों को किया सम्मानित

उत्कृष्ट शिक्षा और रोजगार के अवसरों से संवर रहा छत्तीसगढ़ के बच्चों का भविष्य

स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने टॉपर बेटियों को किया सम्मानित

 

रायपुर, 19 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राज्य के विकास की मजबूत नींव है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार गांवों और दूरस्थ वनांचलों तक बेहतर शिक्षा की सुविधाएं पहुंचाने के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की तकनीक के लिए तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर के जोरा स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईबीसी24 के स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों की टॉपर छात्राओं को सम्मानित किया और उन्हें स्कॉलरशिप प्रदान की।

कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बेमेतरा की ओमनी वर्मा को मुख्यमंत्री ने एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप और सम्मान पत्र प्रदान किया। उनके विद्यालय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय, बेमेतरा को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली पुस्तक मेधा का विमोचन भी किया गया।

मिट्टी के स्कूल से आधुनिक शिक्षा संस्थानों तक पहुंचा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गृहग्राम बगिया की प्राथमिक शाला में हुई। उस समय गांव के स्कूल का भवन मिट्टी का था और उसकी मरम्मत में ग्रामीण स्वयं सहयोग करते थे।

उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में लंबी यात्रा तय की है। आज प्रदेश में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक संस्थानों का व्यापक नेटवर्क मौजूद है। आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान राज्य में संचालित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपने ही प्रदेश में बेहतर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति के साथ शिक्षा और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना और अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

34 नालंदा परिसरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। इन परिसरों में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांत और सुविधायुक्त वातावरण मिलेगा।

उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं के लिए 200 बिस्तरों वाला ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस वर्ष हॉस्टल में रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।

एआई मिशन से भविष्य की तकनीक के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी है। विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ एआई मिशन शुरू किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।

इस मिशन के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ उन्हें भविष्य के रोजगार, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र की संभावनाओं के लिए तैयार किया जाएगा।

बस्तर में शांति के साथ विकास की रफ्तार तेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास में बाधा बना रहा। सुरक्षा बलों के प्रयासों से बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है, जिसके साथ विकास कार्यों को भी गति मिली है।

उन्होंने बताया कि इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, राशन और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जबकि करीब 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है।

पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा सहित प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। धुड़मारास गांव का दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में होमस्टे के माध्यम से पर्यटक स्थानीय जनजातीय जीवन, संस्कृति और खानपान से परिचित हो रहे हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्रों में होमस्टे को बढ़ावा देने के साथ ऋण और सब्सिडी की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को शामिल कर इसे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

निवेश के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024 से 2030 को देश और विदेश से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू हुए हैं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। एक हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमियों के लिए बीस्पोक नीति के तहत विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। बारिश के बाद प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से सम्मानित सभी छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और लगातार मेहनत करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, तकनीक और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन जी महाराज, गोयल ग्रुप एंड कंपनीज के चेयरमैन सुरेश गोयल सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, विद्यार्थी, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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