CG: बारिश ने छीनी चैन की नींद, नारायणपुर की निचली बस्तियों में घरों तक पहुंचा पानी
48 घंटे की मूसलाधार बारिश से वार्ड क्रमांक 1 नयापारा और बांस शिल्प केंद्र के पीछे की बस्ती जलमग्न, अबूझमाड़ के कई गांवों का संपर्क टूटा, लोग भय और अनिश्चितता के बीच रातें गुजारने को मजबूर।

नारायणपुर। पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नारायणपुर जिले में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के वार्ड क्रमांक 1 नयापारा सहित निचली बस्तियों और बांस शिल्प केंद्र के पीछे बसे परिवारों के घरों में बारिश का पानी घुस गया है। अचानक घरों में पानी भरने से लोगों का घरेलू सामान भीगकर खराब हो गया है और कई परिवार अपने घरों से पानी निकालने तथा सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हुए हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार और आशियाने को बचाने की है। कई परिवार पूरी रात जागकर पानी का स्तर देखते रहे, जबकि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय का माहौल बना हुआ है।
बारिश का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला है। अबूझमाड़ क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह टूट गया है। उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों के ऊपर बहते पानी के कारण आवागमन ठप हो गया है। कई स्थानों पर लोग फंसे हुए हैं और आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
लगातार बारिश से कई कच्चे और जर्जर मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। लोग इस डर में जी रहे हैं कि यदि बारिश नहीं थमी तो कई घर ढह सकते हैं। मेहनत की कमाई से जुटाया गया घरेलू सामान पानी में खराब हो रहा है और परिवार भविष्य को लेकर चिंता में डूबे हुए हैं।
जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें। जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
नारायणपुर में लगातार हो रही बारिश ने केवल सड़कों और घरों को ही नहीं डुबोया, बल्कि सैकड़ों परिवारों की दिनचर्या और जीवन को भी संकट में डाल दिया है। जिलेवासी अब बारिश थमने और हालात सामान्य होने की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।




